-पिछली सुनवाई पर जारी हुआ था कारण बताओ नोटिस, नहीं दे सके संतोषजनक जवाब
-जूनियर अकाउंटेंट भर्ती में आदेश के 12 दिन बाद ही कर दी पद भरने की सिफारिश
-सचिव को अगली सुनवाई पर दोषी करार देने को लेकर हाईकोर्ट में पक्ष रखना होगा
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़।
हरियाणा में जूनियर अकाउंटेंट भर्ती में आर्थिक पिछड़ा वर्ग का एक पद रिक्त रखने के 1 अप्रैल 2021 के आदेश का पालन नहीं करने पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (एचएसएससी) के सचिव को अवमानना का नोटिस जारी करते हुए दोषी करार देने पर जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
याचिका दाखिल करते हुए हिसार निवासी अनिल कुमार ने जूनियर अकाउंटेंट पद की भर्ती को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने उनकी याचिका पर सुनवाई करते हुए हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग को 1 अप्रैल 2021 को आदेश दिया था कि आर्थिक पिछड़ा वर्ग में एक पद रिक्त रखा जाए। तब से यह याचिका विचाराधीन थी। पिछली सुनवाई पर याची ने बताया था कि आदेश के बावजूद और इसके केवल 12 दिन बाद 13 अप्रैल को पद भरने की आयोग ने सिफारिश कर दी थी। हाईकोर्ट ने इस पर हैरानी जताते हुए आयोग के सचिव को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया था। इसके बाद जब जवाब आया तो आयोग की ओर से इसके लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं आया। इस पर अब हाईकोर्ट ने इस मामले को अवमानना के तौर पर सुनने का निर्णय लिया है और अगली सुनवाई पर सचिव को दोषी करार देने को लेकर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।