सातवें नेशनल क्राफ्ट मेले में रंगोली से तैयार किए गए फोक आर्ट और शिकारा आकर्षण के केंद्र होंगे। रंगोली आर्ट्स से मोदी का पोर्ट्रेट तैयार किया जाएगा।
पहली बार कलाग्राम में इस तरह का नजारा देखने को मिलेगा।इस बार मेले में नॉर्थ टू नार्थ ईस्ट थीम रखी गई है। इस बार नेशनल क्राफ्ट मेले में रंगोली आर्ट्स के जरिए पोर्ट्रेट बनवाया जा रहा है। इसमें खास बात यह है कि राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व पंजाब और हरियाणा के गवर्नर कप्तान सिंह सोलंकी की पोर्ट्रेट तैयार की जा रही है।
इन पोर्ट्रेटों को तैयार करने में मुंबई और नागपुर के कलाकार लगातार जुटे हुए हैं। इन कलकारों को चंडीगढ़ में पहली बार बुलाया गया है। इससे पहले वे कुरुक्षेत्र में आयोजित क्राफ्ट मेले में आते रहे हैं। एंट्री गेट पर रखा शिकारा
करीब तीन क्विंटल के शिकारा को एंट्री गेट के ठीक सामने रखा गया है। यह चालीस फुट लंबा और 16 फुट चौड़ा है।
इस पर बैठकर आप सेल्फी और फोटो सेशन भी करवा सकते हैं। इस शिकारा को चंडीगढ़ आर्ट्स कॉलेज के स्टूडेंट्स पेंटिंग के जरिए और आकर्षक बना रहे हैं। वहीं रंगोली के माध्यम से तैयार किए गए पोर्ट्रेट और हर राज्यों के पारंपरिक फोक आर्ट का अद्भुत नजारा भी मेले में देखने को मिलेगा। इसे मुंबई और नागपुर के कलाकार तैयार करने में जुटे हैं। इसके अलावा यहां पेंटिंग वर्कशॉप का भी आयोजन किया जा रहा है। जहां बाहर से आए आर्टिस्ट पेटिंग बनाएंगे।
300 फोक डांसर पहुंचे
इस बार मेले में कश्मीर से कोहिमा तक का आर्ट और कल्चर को लोग क्राफ्ट मेले में देखेंगे। मिली जानकारी के मुताबिक 11 राज्यों के करीब 300 फोक डांसर, 50 मास्टर क्त्रसफ्ट पर्सन और 150 आर्टिस्ट क्राफ्ट मेले में हिस्सा लेने पहुंचे हैं।