पंजाब पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (पीपीसीबी) की 35 टीमों ने राज्य भर में 170 सरकारी और प्राइवेट अस्पतालों में छापेमारी की गई। इस दौरान केवल 78 अस्पताल बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियम 2016 का पालन करते हुए पाए गए जबकि 92 अस्पतालों में कई खामियां पाई गईं।
पीपीसीबी के चेयरमैन प्रोफेसर एसएस मरवाहा ने बताया कि इस छापेमारी के दौरान लुधियाना जिले में 25 अस्पताल, बठिंडा और अमृतसर जिले में सात-सात, मोहाली और कपूरथला जिले में छह-छह, संगरूर और मानसा जिले में पांच-पांच, जालंधर जिले में तीन, रोपड़, फरीदकोट, फिरोजपुर, होशियारपुर जिलों में चार-चार, फतेहगढ़, पटियाला और मुक्तसर जिलों में दो-दो, तरनतारन, मोगा और नवांशहर जिलों में एक-एक अस्पताल बायो मेडिकल वेस्ट प्रबंधन नियम 2016 का उल्लंघन करते हुए पाए गए।
चेयरमैन ने बताया कि इन अस्पतालों में बायो मेडिकल वेस्ट की उत्पत्ति, निपटारे और इस वेस्ट को विभिन्न रंगों की बाल्टियों में संभालने की सुविधा मौजूद नहीं थी। इन अस्पतालों के खिलाफ नियमों के अनुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
चेयरमैन मरवाहा ने मेडिकल क्षेत्र के साथ जुड़े सभी डॉक्टरों से अपील की है कि बायो मेडिकल वेस्ट अपने आप में सारे वातावरण, कुदरत और मानवता के लिए गंभीर खतरा है। इसीलिए वेस्ट के वैज्ञानिक निपटारे के लिए अपना नैतिक और सामूहिक फर्ज निभाएं।
उन्होंने बताया कि पंजाब भर के 8400 अस्पतालों और प्रयोगशालाओं का बायो मेडिकल वेस्ट का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा करने के लिए पांच बायो मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट मोहाली, लुधियाना, अमृतसर, मुक्तसर और पठानकोट जिले में काम कर रहे हैं। यह अस्पतालों के रोज 15 से 16 टन पैदा होने वाले वेस्ट को ट्रीट करने में समर्थ हैं।