हरियाणा के पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा के ब्राह्मण समाज से डिप्टी सीएम बनाने के बयान को लेकर सियासत शुरू हो गई है। पूर्व शिक्षा मंत्री व भाजपा नेता राम बिलास शर्मा ने कहा कि इस बार ब्राह्मणों की नजर डिप्टी सीएम की कुर्सी पर नहीं बल्कि बड़ी कुर्सी पर है। श्राद्ध के दिनों में हुड्डा को ब्राह्मणों की याद तो आई। उन्होंने यह भी कहा कि ब्राह्मण किसी कुर्सी का भूखा नहीं है।
दरअसल एक दिन पहले हुड्डा ने एलान किया था कि यदि कांग्रेस की सरकार आई तो ब्राह्मण समाज से डिप्टी सीएम नियुक्त किया जाएगा। कांग्रेस गुटबाजी पर चुस्की लेते हुए उन्होंने कहा कि हुड्डा साहब खैर मनाएं। मैंने हुड्डा साहब का कांटा निकाला था, लेकिन अब वह शूल बनकर वाया कर्नाटक आ गया है। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह पर उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने वीरेंद्र सिंह को निकाला था, हमने उन्हें संभाला।
चंडीगढ़ स्थित भाजपा मुख्यालय पर प्रेस कांफ्रेंस करते हुए शर्मा ने एसवाईएल पर आए सुप्रीम कोर्ट के निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि हरियाणा अपना हक लेकर रहेगा। कांग्रेस की नीति फूट डालो और राज करो की रही है। आप के नेता भी कांग्रेस की नीति पर चल रही है।
उन्होंने कहा कि एसवाईएल पर पंजाब सरकार को अपनी हठ छोड़नी होगी। वे जल्द ही एसवाईएल मामले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से भी मिलेंगे। केंद्र में भाजपा और पंजाब में गठबंधन सरकार होने पर भी एसवाईएल का हल नहीं निकलने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि इतिहास में कुछ गलतियां हो जाती हैं। मगर इसका मतलब यह नहीं कि उसका समाधान न निकले।
मैं फिट हूं, चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी करेगी
आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि उनकी उम्र भले ही 73 साल हो गई हो, मगर वह पूरी तरह से फिट हैं। चुनाव लड़ने का फैसला पार्टी लेती है। यदि पार्टी कहेगी तो मैं चुनाव जरूर लड़ूंगा।