पंजाब में भारतीय जनता पार्टी के किसी अन्य राजनीतिक दल के साथ गठबंधन करने की अटकलों पर अब विराम लग गया है। पार्टी अब 2022 में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों में जुट गई है। राज्य की 117 सीटों पर प्रत्याशियों की खोज के साथ ही केंद्रीय नेतृत्व 12 से अधिक बिंदुओं पर आधारित सर्वे कराया जा रहा है। जिसकी रिपोर्ट प्रधानमंत्री को सौंपी जाएगी।
सितंबर 2020 में भाजपा-शिअद का गठबंधन टूटने के बाद अब शिअद, बसपा के साथ हो गया है। दोनों के गठबंधन के बाद अटकलें लगाई जा रही थीं कि भाजपा भी गठबंधन के लिए साथी की खोज कर रही है, लेकिन सभी 117 विधानसभा सीटों पर सर्वे शुरू कराने के बाद इन अटकलों पर विराम लग गया है। पार्टी की ओर से राज्यभर में कराए जा रहे सर्वे में कई महत्वपूर्ण बिंदुओं को शामिल किया गया है।
इन बिंदुओं को पार्टी के स्थानीय नेताओं के साथ दिल्ली में बैठे राजनीतिक विश्लेषकों की राय शुमारी के शामिल किया गया है। सर्वे का यह काम 45 दिन में पूरा करने का लक्ष्य केंद्रीय नेतृत्व ने निर्धारित किया है। सर्वे की रिपोर्ट तैयार होने के बाद अंतिम फैसले के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सौंपी जाएगी। भाजपा राज्य में पहली बार विधानसभा चुनाव में अकेले 117 सीटों पर लड़ेगी। इससे पहले वह शिअद के द्वारा दी जाने वाली 23 सीटों पर ही अपने प्रत्याशियों को खड़ा करती थी। इसलिए पार्टी चुनावी अखाड़े में कूदने से पहले सभी तैयारियां पूरी करना चाहती है।
चौतरफा होगा मुकाबला
2022 में होने वाले विधानसभा चुनाव में इस बार सभी राजनीतिक दलों का चौतरफा मुकाबला होगा। कांग्रेस, अकाली दल-बसपा (गठबंधन), आम आदमी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी चुनाव में उतरेंगी।
पंजाब में चुनावी माहौल बनने लगा है। भाजपा भी इस बार सभी 117 सीटों पर अपने प्रत्याशी खड़ा करेगी। केंद्र के साथ मिलकर संभावित प्रत्याशियों की खोज शुरू हो चुकी है। कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर काम किया जा रहा है। जल्द ही चुनावी रणनीति को लेकर सार्वजनिक घोषणाएं की जाएंगी।
-दुष्यंत गौतम, प्रभारी, पंजाब भाजपा