चंडीगढ़। नगर निगम में मनीमाजरा हाउसिंग प्रोजेक्ट को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सियासी रंग लेने लगा है। मेयर द्वारा प्रशासक को लिखे गए पत्र के बाद विरोधी पार्षदों ने पलटवार किया है और कहा कि यदि किसी के खिलाफ कार्रवाई की जाती है तो मनोनीत पार्षदों पर भी की जानी चाहिए।
विरोधी पार्षदों ने मेयर के उस बयान की कड़ी आलोचना की जिसमें उन्होंने निगम बैठक के विरोध प्रदर्शन को रामलीला जैसा ड्रामा बताया था। उनका कहना है कि यह टिप्पणी भगवान राम और सनातन धर्म की आस्था को ठेस पहुंचाने वाली है। पार्षदों ने सार्वजनिक माफी की मांग की।
पार्षदों ने यह भी याद दिलाया कि पूर्व मेयर के समय भी कुछ पार्षदों ने अपमानजनक शब्दों का प्रयोग किया था, जिस पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। विवाद का केंद्र मनीमाजरा हाउसिंग प्रोजेक्ट है। मेयर इसे जल्द पास कराने की कोशिश में हैं जबकि कई पार्षद योजना में अनियमितताओं और कुछ विशेष लोगों को लाभ पहुंचाने का आरोप लगा रहे हैं। 30 सितंबर की बैठक में जोरदार हंगामा और धक्का-मुक्की हुई थी, जिसके बाद मेयर ने चार पार्षदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।