चंडीगढ़। नगर निगम में कर्मचारियों के ट्रांसफर, रेगुलराइजेशन, अलाउंस और अन्य सर्विस मामलों में राजनीतिक हस्तक्षेप रोकने के लिए सख्त आदेश जारी किए गए हैं। नगर निगम आयुक्त अमित कुमार की मंजूरी के बाद एक्सईएन वर्कर्स एंड एस्टेब्लिशमेंट शाखा ने 24 जून को कार्यालय आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि यदि कोई नेता या कर्मचारी यूनियन का पदाधिकारी किसी अधिकारी पर दबाव बनाता है तो इसकी सूचना तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को दी जाए। ऐसा नहीं करने पर संबंधित अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
यह आदेश इंजीनियरिंग शाखा समेत नगर निगम की सभी शाखाओं को भेजा गया है। आदेश में कहा गया है कि प्रभावशाली नेता या यूनियन प्रतिनिधि अक्सर ट्रांसफर, प्रमोशन, अलाउंस, रेगुलराइजेशन, भर्ती और परीक्षा संबंधी मामलों में बिना तथ्यों के दबाव बनाते हैं। ऐसे किसी भी दबाव में आने की जरूरत नहीं है।
कार्यालय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि यदि कोई कर्मचारी यूनियन हड़ताल या प्रदर्शन की धमकी देकर दबाव बनाने की कोशिश करती है तो अधिकारी किसी प्रकार का अनुचित फैसला न लें। यदि अधिकारी का निर्णय नियमों के अनुरूप है तो किसी भी बाहरी दबाव से प्रभावित होने की आवश्यकता नहीं है।
आदेश में कर्मचारियों और अधिकारियों को सीसीएस (आचरण) नियम, 1964 के नियम 3 और 20 की याद दिलाई गई है, जिनके तहत ईमानदारी, निष्पक्षता और कर्तव्यनिष्ठा बनाए रखते हुए किसी भी बाहरी या राजनीतिक प्रभाव को स्वीकार नहीं किया जा सकता। निगम प्रशासन का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और अधिकारियों को निष्पक्ष तरीके से काम करने का वातावरण उपलब्ध कराना है।