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गोमाता के संरक्षण पर राजनीतिक दलों की एक जैसी स्थिति : शंकराचार्य

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चंडीगढ़-पंचकूला। ज्योतिष पीठाधीश्वर जगदगुरु शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने एक बार फिर राजनीतिक दलों पर निशाना साधा है। शंकराचार्य ने कहा कि गोमाता के संरक्षण पर राजनीतिक दलों की एक जैसी स्थिति है। उन्होंने यह बात कैंबवाला स्थित श्री गोपाल गोलोक धाम गोशाला में प्रेसवार्ता के दौरान कही। शंकराचार्य गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा का नेतृत्व करते हुए शनिवार को चंडीगढ़ पहुंचे थे। शंकराचार्य ने कहा कि जब नरेंद्र मोदी 2014 में प्रधानमंत्री बने तो उन्हें मिलने का समय नहीं दिया गया। हैरानी की बात है कि प्रधानमंत्री मोदी से गो माता के संरक्षण को लेकर बात करने वाले को समय नहीं दिया गया। हालांकि, यह जरूर कहा कि अगर मोदी जी उपलब्ध होते तो चर्चा होती। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ खुद गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर हैं लेकिन वे भी गो संरक्षण के मसले पर उदासीन हैं। उन्होंने कहा कि गो संरक्षण को लेकर देश के अधिसंख्य लोगों का उन्हें समर्थन मिल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि नागालैंड में उनके आगमन को इसलिए रोक दिया गया कि वह गाय संरक्षण पर बात करेंगे। शंकराचार्य के नेतृत्व में देशभर में गो प्रतिष्ठा आंदोलन के अंतर्गत गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा बीते 22 सितंबर से श्री अयोध्या धाम से शुरू हुई है। यह यात्रा गोमाता को राष्ट्रमाता घोषित कराने के लिए निकाली जा रही है। चंडीगढ़ में गो प्रतिष्ठा आंदोलन के संयोजक गोपाल मणि यात्रा ने शंकराचार्य का स्वागत किया। चंडीगढ़ में गो ध्वज की स्थापना के बाद शंकराचार्य ने आए श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 26 अक्तूबर तक चलने वाली यात्रा देशभर की राजधानी में पहुंचेगी और वहां गो ध्वज की स्थापना होगी। इसका समापन 26 अक्तूबर को दिल्ली में होगा। गो ध्वज स्थापना भारत यात्रा के बाद दिल्ली में गोपाष्टमी के अवसर पर 7, 8 और 9 नवंबर को तीन दिवसीय राष्ट्रव्यापी गो प्रतिष्ठा महासम्मेलन होगा। इस दौरान शंकराचार्य पंचकूला सेक्टर-6 स्थित एक निजी कार्यक्रम में भी पहुंचे।
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