होली के पर्व को चुनावी सीजन में किस तरह से भुनाना है। इसे लेकर हरियाणा में सभी सियासी दलों ने तैयारियां कर ली है। भाजपा, कांग्रेस, आप, जजपा, लोसुपा-बसपा गठबंधन सभी पार्टियां होली के दिन जनता के बीच ‘सियासी रंगों’ केसाथ होली खेलेंगी। इसके लिए सभी सियासी दलों ने अपने-अपने कार्यक्रम तय कर दिए है। ये कार्यक्रम 20 मार्च से ही शुरू हो गए हैं। 21 मार्च होली दुलंदी के दिन भी सभी नेताओं, सांसदों, पूर्व सांसदों, मंत्रियों, पूर्व मंत्रियों को जनता के बीच जाकर होली खेलने को कहा गया है।
लेकिन कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष डा. अशोक तंवर का कहना है कि शहीदों के सम्मान में वे इस बार होली नहीं खेलेंगे। तंवर ने कहा कि पाकिस्तान खून की होली खेल रहा है, लेकिन देश में भाजपा अपने मतलब के लिए होली खेल रही है। उन्होंने प्रदेश भाजपा को घेरते हुए कहा कि हरियाणा सरकार शहीदों के प्रति कितनी संवेदनहीन है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि सीएम समेत कई मंत्रियों अपने होली मिलन संबंधित कार्यक्रम तय कर रखे हैं और वे उसमें भाग भी ले रहे हैं। इसके अलावा अन्य सियासी दल भी होली मिलन के बहाने लोगों से जनसंपर्क की तैयारी कर रहे है।
उधर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी राजीव रंजन ने सभी जिलों के डीसी को दिए निर्देश है कि होली पर्व के बहाने नेताओं द्वारा लोगों को किसी प्रकार का अप्रत्याशित लाभ देने की कोशिश न हो, इसके लिए होली मिलन कार्यक्रमों पर नजर रखवाई जाए।