चर्चा है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह माझा में अपनी स्थिति मजबूत करने के लिए डॉ. राज कुमार को कोई पोर्टफोलियो दे सकते हैं। डॉ. राज कुमार इस समय बिना पोर्टफोलियो के मंत्री हैं। गत तीन वर्षों में डॉ. राजकुमार ने कैप्टन का हर मोर्चे पर साथ दिया है। नवजोत सिद्धू और इंदरबीर सिंह बुलारिया के बीच कभी राजनीतिक मतभेद रहे हैं।
जब नवजोत भाजपा सांसद थे, तब बुलारिया शिअद विधायक थे। बुलारिया शिअद के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की चौकड़ी में शामिल थे। दोनों विधानसभा चुनाव से पहले अपनी-अपनी पार्टी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हो गए थे। चूंकि बुलारिया के पिता स्व. रमिंदर सिंह बुलारिया के कैप्टन अमरिंदर सिंह के साथ कभी बड़े नजदीकी संबंध थे, ऐसे में इसका लाभ इंदरबीर को मिला।
नवजोत सिद्धू को कोई दिक्कत है तो मुझसे बात करें, अगले चुनाव का सरताज भी मैं हूं: कैप्टन
कैप्टन ने बुलारिया को अपना राजनीतिक सलाहकार नियुक्त किया। हालांकि बाद में अदालती आदेश के बाद बुलारिया को यह पद छोड़ना पड़ा। सूत्रों के अनुसार, बुलारिया भी चुनाव से पहले झंडी वाली कार के इंतजार में हैं, ताकि विधानसभा चुनाव में शिअद के गढ़ों में पार्टी की स्थिति मजबूत की जा सके।
बुलारिया ने बताया कि वह सीएम से अमृतसर के रुके प्रोजेक्टों को शुरू करने के बारे में मिले हैं। साथ ही कोविड-19 के बारे में भी बातचीत की है। इस बैठक में कोई भी राजनीतिक चर्चा नहीं हुई।