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Chandigarh News: पीजीआई में पुलिसकर्मी ने गार्ड को पीटा, कार्रवाई न होने पर देर रात तक हंगामा

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चंडीगढ़। पीजीआई में निदेशक कार्यालय भवन के बाहर बुधवार की रात सड़क पर गाड़ी खड़ी करने से मना करने पर एक पुलिसकर्मी ने सिक्योरिटी गार्ड की पिटाई कर दी। इस मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। इसे लेकर पीजीआई चौकी में शिकायत दी गई लेकिन वीरवार देर रात तक पुलिस मुलाजिम को बचाने में लगी रही। वीरवार को इस मामले ने तूल पकड़ लिया। पीजीआई के सैकड़ों सिक्योरिटी गार्ड ने कार्रवाई नहीं होने पर पुलिस के खिलाफ जोरदार ढंग से मुर्दाबाद के नारे लगाए। पीजीआई कर्मचारी यूनियन की ओर से खबर लिखे जाने तक मीटिंग कर आगे की रणनीति बनाई जा रही थी।
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पुलिस को दी शिकायत में नियमित सुरक्षा गार्ड विनोद कुमार कैरों प्रशासनिक ब्लॉक में नाइट ड्यूटी पर तैनात था। रात करीब साढ़े 9 बजे एक पुलिसकर्मी आया और अपनी गाड़ी निदेशक कार्यालय की पार्किंग गेट के सामने खड़ी कर दी। गार्ड ने चालक को रोका और गाड़ी हटाने के लिए कहा लेकिन उसने गाड़ी हटाने से मना कर दिया और सामान लेकर आगे चल दिया। सुरक्षा गार्ड ने फिर गाड़ी हटाने के लिए कहा जिसके बाद वह पुलिसकर्मी आया और विनोद कुमार के साथ मारपीट शुरू कर दी। पुलिसकर्मी ने गार्ड को नीचे सड़क पर गिराकर पेट में लातें मारनी शुरू कर दी। इसके बाद गार्ड ने कंट्रोल रूम पर सूचना दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मारपीट के आरोपी पुलिसकर्मी को पकड़ लिया। इसके बाद दोनों का सेक्टर-16 अस्पताल में मेडिकल करवाया गया। इसके बाद पुलिस चौकी में लिखित शिकायत दी गई। आरोपी की पहचान चंडीगढ़ पुलिस के रूप में हुई। पुलिस ने घटनास्थल के पास लगे सीसीटीवी फुटेज निकाली तो मारपीट की पूरी घटना कैद थी। वीरवार सुबह सिक्योरिटी गार्ड के पक्ष में पीजीआई की कर्मचारी यूनियनें भी आ गईं और निदेशक को लिखित शिकायत दी।

चौकी से बाहर जाने को कहा तो शुरू हुई नारेबाजी
इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों को वीरवार शाम पांच बजे चौकी में बुलाया। सुरक्षा गार्ड सहित चीफ सिक्योरिटी आफिसर गुरशरण सिंह, एसओ गुरमीत सिंह व संजीव कुमार और एएसओ चंद्रमोहन सहित अन्य अधिकारी चौकी में पांच बजे पहुंच गए और अंदर कमरे में बैठ गए लेकिन तब तक चौकी इंचार्ज नहीं पहुंची और एक अन्य महिला पुलिसकर्मी ने इन अधिकारियों को कमरे से बाहर जाने के लिए कह दिया। इसके बाद मामला तूल पकड़ गया और मौके पर एकत्र अधिकारियों सहित अन्य कर्मियों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ ही मुर्दाबाद के नारे लगाने शुरू कर दिए। इसके 10 मिनट बाद ही चौकी इंचार्ज मौके पर पहुंचीं और बातचीत करने का प्रयास किया लेकिन गुस्साए कर्मियों ने पुलिस को निदेशक कार्यालय के बाहर आकर ही बातचीत करने के लिए कहा।
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मुलाजिम को बचाने के लिए पुलिस बनाती रही समझौते का दबाव
निदेशक कार्यालय के बाहर सैकड़ों कर्मचारी एकत्र हो गए और पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगा रहे थे। चौकी इंचार्ज व अन्य पुलिसकर्मियों ने इन्हें कार्रवाई करने का आश्वासन दिया लेकिन वह नहीं माने और नारेबाजी करते रहे। पीजीआई कर्मचारी यूनियन ने पुलिस पर मारपीट करने वाले आरोपी जवान के खिलाफ जानबूझकर कार्रवाई नहीं करने और उसे बचाने के आरोप लगाए। वहीं कर्मचारियों द्वारा पुलिस मुर्दाबाद के नारे लगाने पर चौकी इंचार्ज को भी गुस्सा आया और पुलिस के खिलाफ नारे लगाने से मना किया लेकिन कर्मचारी नहीं माने। इसके बाद शिकायतकर्ता व अन्य कर्मचारी चौकी इंचार्ज के साथ चौकी में गए और बाद में उन्हें सेक्टर-11 थाने में ले जाया गया, जहां देर रात तक पुलिस व शिकायतकर्ता पक्ष के बीच बातचीत होती रही। लेकिन पुलिस ने मारपीट करने वाले मुलाजिम के खिलाफ केस दर्ज नहीं किया बल्कि शिकायतकर्ता पक्ष को ही समझाते रहे कि वह इसके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करवा देंगे, केस दर्ज नहीं करते लेकिन यूनियन वाले समझौता नहीं करने की बात पर अड़े रहे और वापस पीजीआई में आ गए। अब यूनियन की ओर से मीटिंग कर आगे की रणनीति बनाई जा रही है।
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