बठिंडा में भी धरने पर बैठे किसान
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मानसा : किसानों ने बठिंडा-पटियाला सड़क पर लगाया जाम
कश्मीर मसले के हल को लेकर जनतक जत्थेबंदियों द्वारा रविवार को रैली में शामिल होने के लिए जा रहे किसानों को मानसा पुलिस ने कैंचियां स्थित बठिंडा-पटियाला रोड पर रोक लिया गया। इस पर भारतीय किसान यूनियन एकता उगराहां के जिला अध्यक्ष राम सिंह भैणीवाघा की अगुवाई में किसानों ने सड़क पर जाम लगा दिया, जो कई घंटे जारी रहा। भैणीवाघा ने कहा कि सरकार मसले का हल नहीं करना चाहती, अगर मांगों को लेकर लोक या जनतक जत्थेबंदियां शांतिपूर्ण तरीके से संघर्ष का रास्ता अपनाती है तो उन पर पाबंदी लगा दी जाती है।
संगरूर : किसानों ने पटियाला-बठिंडा मुख्य मार्ग पर लगाया धरना
मोहाली में प्रदर्शन करने जा रहे किसानों को पुलिस ने संबंधित जिलों में ही रोक दिया। संगरूर के किसानों समेत अन्य संगठनों से संबंधित प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने गांव महिलां चौक में पटियाला मुख्य मार्ग पर रोक दिया। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने मुख्य सड़क पर धरना लगाकर सरकार के खिलाफ रोष जताया। हजारों प्रदर्शनकारियों ने चक्का जाम कर दिया। दोपहर दो बजे प्रदर्शनकारियों ने मोदी सरकार की अर्थी फूंककर आंदोलन समाप्त कर दिया। इस दौरान भाकियू के प्रदेश अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां, दरबारा सिंह, अमरीक सिंह और सुखपाल सिंह मौजूद रहे।
रैली की नहीं मिली मंजूरी
कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाने के विरोध में पंद्रह सितंबर यानि आज होने वाली रैली को सुरक्षा कारणों के चलते प्रशासन ने मंजूरी नहीं दी है। यह फैसला जिला मजिस्ट्रेट कम डिप्टी कमिश्नर गिरीश दियालन की तरफ से लिया गया। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि रैली के लिए झंडा सिंह निवासी जेठुके, लखविंदर सिंह व कमलप्रीत पन्नू ने 13 सितंबर को शाम चार बजे ईमेल के माध्यम से अर्जी भेजी थी। रैली 15 सितंबर को सुबह 11 बजे से शाम चार बजे तक दशहरा ग्राउंड से यूटी चंडीगढ़ तक करने की योजना थी। इसमें 7500 पुरुष, 500 औरतों व 100 के करीब बच्चों के शामिल होने की संभावना है।
दियालन ने कहा कि प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देश व पंजाब सरकार की एडवाइजरी के संदर्भ में आई एप्लीकेशन पर विचार किया। उन्होंने कहा कि इन दिशा निर्देशों में स्पष्ट है कि ऐसे समागम की मंजूरी के लिए कम से कम सात दिन पहले आवेदन करना होता है।। लेकिन यह अर्जी लेट प्राप्त हुई है। ऐसे में अलग-अलग विभागों से रिपोर्ट मांगी गई। समय की कमी के कारण सारे विभागों से रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो सकी है।