चंडीगढ़। अपनी मांगों के समर्थन में राजभवन जा रहे कर्मचारियों को पुलिस ने कुछ ही कदम पर बेरिकेड लगाकर रोक दिया। रोके जाने पर कर्मचारियों ने जोरदार नारेबाजी की। यह रोष मार्च ज्वाइंट एक्शन कमेटी के बैनर तले हुआ। रोके जाने के बाद बाद कर्मचारियों ने प्रशासक के सलाहकार धर्मपाल को ज्ञापन सौंपा। ज्वाइंट एक्शन कमेटी के संयोजक अश्वनी कुमार ने बताया कि डीसी रेट में 21 प्रतिशत बढ़ोतरी करने और अन्य मांगों के लिए राजभवन मार्च किया।उन्होंने बताया कि ज्वाइंट एक्शन कमेटी ने फैसला लिया है कि यदि कर्मरियों की मांगें पूरी नहीं हुई तो बागवानी विभाग को वन विभाग में मर्ज करने के प्रस्ताव को रद नहीं किया गया तो 30 मई को प्रसाशन का पुतला फूंका जाएगा। राजभवन मार्च करने से पहले सभी कर्मचारी सेक्टर 17 के शिवालिक व्यू होटल के साथ लगते ग्राउंड में एकत्र हुए। सभी कर्मचारी नगर निगम और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते चलना शुरू किया। कुछ कदम चलने पर पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद उन्होंने प्रशासक के सलाहकार को ज्ञापन दिया।
प्रतिनिधिमंडल ने सलाहकार से कहा कि कर्मचारियों की मांगों को पूरा करने के लिए तुरंत बैठक बुलाई जाए। पैसे मांगने वाले ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान सलाहकार धर्मपाल ने कहा कि ठेकेदार की पैसे मांगने की क्लिपिंग सौंपने को कहा।उन्होंने तुरंत विजिलेंस अधिकारी यशपाल गर्ग को बुलाकर कहा कि प्रतिनिधि मंडल से वॉयस क्लिपिंग लेकर उस ठेकेदार पर तुरंत जांच कर कार्रवाई की जाए।
कर्मचारियों को संबोधित करते हुए अश्वनी कुमार ने कहा कि चेयरमैन सुरमुख सिंह, संरक्षक राजा राम ने प्रशासन और नगर निगम की आलोचना की। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों की मुख्य मांगों को पूरा किया जाए। उन्होंने कहा कि मांगें नहीं माने जाने के कारण कर्मचारियों में बहुत रोष है। कर्मचारियों को अश्वनी कुमार, सुरमुख सिंह और राजा राम के अलावा कुलदीप सिंह, सरवन कुमार, संजय दुहुन, राजिंदर सिंह, लालजीत, कमल कुमार, रविंदर बिंदु, नरेंद्र चोधरी, गुरमीत सिंह, याद राम, नछतर सिंह, लालजीत, हुकम चंद, अशोक कुमार ने संबोधित किया।
ये हैं कर्मचारियों की मांगें
ठेके पर काम कर रहे कर्मचारियों के लिए सुरक्षित पॉलिसी बनाई जाए।
बागवानी विभाग को वन विभाग में मर्ज करने के प्रस्ताव को रद की जाए।
सेवामुक्त कर्मचारियों को पेंशन का लाभ तुरंत दिए जाएं।
समान काम का समान वेतन मिले।
कर्मचारियों को 7 तारीख से पहले वेतन का भुगतान किया जाए
सभी के लिए 21 प्रतिशत डीसी रेट बढ़ाया जाए।
2016 के बाद नियमित हुए हुए कर्मचारियों को छठे वेतन आयोग का लाभ दिया जाए।
खाली पदों को भरा जाए, डेली वेज कर्मचारियों को नियमित किया जाए।
दिसंबर 1996 के बाद नगर निगम में भर्ती हुए डेलीवेज कर्मचारियों को प्रशासन द्वारा बनाई पॉलिसी में कवर कर नियमित किया जाए।
कर्मचारियों को बरसाती और वर्दी दी जाए दी जाए, स्कूलों में काम कर रहे चौकीदारों के काम के आठ घंटे फिक्स किए जाए, मिड डे मील वर्कर्स का वेतन बढ़ाया जाए।