आपराधिक वारदातों और आतंकी गतिविधियों से अब चंडीगढ़, हिमाचल प्रदेश, हरियाणा और पंजाब पुलिस मिलकर निपटेगी। सोमवार को चारों राज्यों के क्राइम ब्रांच के अफसरों ने बैठक कर रणनीति तैयार की। बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि सभी राज्य आपस में अपने-अपने यहां के वांछित अपराधियों की जन्मकुंडली निकालेंगे और एक दूसरे से साझा भी करेंगे।
मीटिंग के दौरान सोलन क्राइम ब्रांच इंचार्ज ने सभी स्थानों के होटल, मिष्ठान भंडार पर स्मार्ट व हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगवाने को प्रेरित करने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़, पंजाब और हरियाणा में अपराध करने के बाद ज्यादातर आरोपी हर बड़े और छोटे होटल में नाम बदलकर रुक जाते हैं। इससे वारदात के तुरंत बाद एक ही समय में सभी होटल रेस्तरां में ठहरने वालों का चेहरा और डिटेल्स पूरी खंगाली जा सकती है।
इस दौरान अंबाला से आने वाले नशे के इंजेक्शन पर उठे सवाल पर अंबाला क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने जवाब फाइल किया। उन्होंने कहा कि फार्मास्यूटिकल कंपनियों और रसायन की दुकानों को आदेश जारी किए जा रहे हैं कि प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री में बिना लाइसेंस वाले विक्रेताओं को शामिल नहीं किया जाए।
पहली बार हुई ऐसी बैठक
डीएसपी क्राइम पवन कुमार की अध्यक्षता में सेक्टर-11 क्राइम ब्रांच के दफ्तर में बैठक की गई। इसमें सभी अधिकारियों ने अपराध रोकने व सभी पुलिस विभाग में समन्वय बनाने का सुझाव दिया। सभी अधिकारियों ने निर्णय लिया कि हर महीने उनकी मीटिंग अलग-अलग स्थानों पर की जाएगी।
यहां के पुलिस अधिकारियों ने लिया हिस्सा
मोहाली, पंचकूला और सोलन, अंबाला, कुरुक्षेत्र, यमुनानगर, सरहिंद, राजपुरा और रोपड़ के क्राइम ब्रांच इंचार्ज ने मीटिंग में हिस्सा लिया।