मलेशिया में संदिग्ध हालात में पुलिसवाले के बेटे की मौत हो गई। परिजनों ने अब न्याय के लिए प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है। बेटे की मौत के मामले में बरनाला निवासी पुलिस मुलाजिम कुलजीत को अपनों पर ही संदेह है। उन्होंने बेटे की मौत की सच्चाई सामने लाने के प्रधानमंत्री नरेद्र मोदी, विदेश मंत्रालय, मलेशिया के प्रधानमंत्री समेत कई विभागों को पत्र लिखा है। साथ ही इंसाफ की गुहार लगाई है।
फेज-चार स्थित प्रेस क्लब में प्रेस कांफ्रेंस के दौरान बरनाला निवासी कुलजीत सिंह ने बतया कि उनका बेटा अमनदीप सिंह (31) एक साल पहले नौकरी के लिए मलेशिया गया था। उसे वहां पर उनकी बुआ का (68 वर्षीय) बेटा तरसेम लाल ले गया था। सबकुछ ठीक चल रहा था कि सात मई 2016 को उन्हें रात के दस बजे फोन आया। फोन करते ही तरसेम ने कहा कि तुम्हें बहुत ही बुरी खबर देने जा रहा हूं।
उन्होंने बताया कि अमन की मौत हो गई। अमन मेरे साथ गाड़ी में सवार था। मुझे पेशाब का प्रेशर पड़ा हुआ था। मैने अमन को कहा कि तू गाड़ी को थोड़ा आगे लेकर चल मैं आता हूं। उन्होंने बताया कि जब वह गाड़ी के पास पहुंचे तो अमन गाड़ी में नहीं था। उन्होंने अमन की काफी तलाश की लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद वह पुलिस स्टेशन गए साथ ही अमन के घुम होने संबंधी बताया। इसी बीच एक मोटरसाइकिल चालक वहां आया। उसने बताया कि मोटरसाइकिल लेन पर भरे पानी में एक युवक का शव पड़ा हुआ है।
वहीं, उन्होंने कहा कि हो सकता है कि अमन शौच गया हो। जिसके बाद हाथ धोने के लिए वह मोटरसाइकिल लेन पर गया , या उसका पैर फिसल गया हो। जिससे उसकी मौत हो गई हो। उसने रबड़ के बूट पहने हुए थे। उसकी पैंट भी उतरी हुई थी। जबकि उक्त जगह से कुछ ही दूरी पर पेट्रो स्टेशन था। वहीं, उने कहा था कि सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी आपको भेज देंगे। लेकि न ऐसा कुछ नहीं हुआ है। उन्होंने कुछ चीजो पर संदेह जताया है। साथ ही प्रधामनमंत्री को मामले में दखल देकर इंसाफ देने की गुहार लगाई है।
बेटे ने नहीं देखा पिता का मुंह
उन्होंने बताया कि उनके बेटा शादीशुदा था। उसके दो बच्चे है। जिनमें एक बेटी गुरनूर दो साल नौ महीने व एक बेटा बलरामवीर पांच महीने का था। जो कि बेटे के मलेशिया जाने के बाद से पैदा हुआ था। बेटे ने अपने पिता का मुंह तक नहीं देखा।
इन बातों पर संदेह है
1. कुलजीत सिंह ने कहा कि उन्हें संदेह है कि मोटसाइकिल लेन पर आठ से 10 फुट पानी भरा हो। क्योंकि मलेशिया पहाड़ी इलाका है। वहीं, बारिश का पानी ज्यादा देर नहीं रकता नहीं है। वहीं, 13 मई 2016 को उनकी बुआ का दूसरा बेटा बेटे अमन की डैड बाडी लेकर आया। उसने अमन की फोन से खींची फोटो दिखाई। इसमें न बेटे की पैंट उतरी हुई थी, न ही उसने बूट पहने हुए। वहीं, उन्होंने बताया कि अमन का फोन उसकी जेब में था। जबकि मरने के बाद भी फोन चल रहा था।
2. मलेशिया में खुले में शौच जाने पर मनाई है। वहां पर हर कुछ दूरी पर पेट्रो स्टेशन हैं। मेरा बेटा पहले भी वहां जा चुका था। उसे इन चीजों का पता है। ऐसे में खुले में शौच जाने की बात गलत है।
3. मलेशिया का समय भारत से ढाई घटे आगे है। डेथ सर्टिफिकेट के मुताबिक मलेशिया के समय मुताबिक 1.53 मिनट पर आठ मई 2016 को बेटे की मौत हुई थी। जबकि बुआ के बेटे ने उन्हें मलेशिया के समय मुताबिक 12.30 बजे मौत का समय बताया। ऐसे में उन्हें संदेश है कि जब उनके बुआ के बेटे ने फोन किया था तो उनका बेटा जिंदा था। साथ ही किसी ने उसे बचाने की कोशिश नहीं की। डूबने से उसकी मौत नहीं हुई है। सिर पर किसी भी तरह कोई निशान नही था। न ही उसके में पानी गया लगता था
इंश्योरेंस का पैसा खाने की गेम
कुलजीत सिंह ने बताया कि उनका बेटा एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। ऐसे में उसकी इंश्योरेंस भी हुई होगी। उन्हें संदेह है कि उसकी इंश्योरेंस को हड़पने के लिए ही सारी गेम की जा रही है।