वहीं, नूंह में तैनात सीआईडी इंस्पेक्टर के इनपुट दिए जाने का दावा करने वाले वायरल वीडियो को भी जांच के लिए एसआईटी के पास भेज दिया गया था। उसके दो दिन बाद उन्होंने यह भी कहा था कि घटना के दिन तीन बजे एक निजी व्यक्ति ने उन्हें घटना की सूचना दी थी। विज ने सीधे तौर पर सीआईडी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए थे।
गृह विभाग से जुड़े सूत्रों का कहना है कि एसआईटी इस मामले की रिपोर्ट सरकार को सौपेगी। सरकार के स्तर पर ही कोई बयान जारी होगा। हालांकि नूंह एसपी नरेंद्र सिंह बिजारणिया का कहना है कि अभी तक की जांच में फिलहाल कोई मास्टरमाइंड नहीं मिला है। हमला करने वाले छोटे-छोटे गुटों में थे। फिलहाल जांच जारी है।
मोनू मानेसर पर अब तक कोई कार्रवाई नहीं
नूंह हिंसा के बाद मोनू मानेसर का भी काफी नाम उछला था। मोनू पर आरोप है कि उसने ब्रजमंडल यात्रा में शामिल होने का एलान किया था। विज ने कहा था कि मोनू के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि नूंह हिंसा में अब तक मोनू पर कोई एफआईआर दर्ज नहीं की गई है। वहीं, किसान संगठनों और खाप पंचायतों ने भी मोनू की गिरफ्तारी की मांग की है।