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हरियाणा: हिसार के बाल सुधार गृह से भागे तीन बाल बंदी पकड़े, चार पुलिसकर्मी लाइन हाजिर

Tue, 13 Oct 2020 11:15 PM IST
ajay kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हिसार (हरियाणा)

सार

  • एक बंदी को चौधरीवास, दूसरे को तलवंडी राणा और तीसरे को हांसी से किया गिरफ्तार
  • पकड़ा गया एक बंदी बहल, दूसरा रोहतक व तीसरा अन्य जगह का निवासी 
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निरीक्षण गृह। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बाल सुधार गृह से फरार 17 बाल बंदियों में से तीन को जिला पुलिस ने पकड़ लिया है। इनमें से एक बाल बंदी को तलवंडी राणा के पास से, दूसरे को राजगढ़ रोड पर चौधरीवास टोल के पास से और तीसरे को हांसी से पकड़ा है। बाकी फरार बाल बंदियों की तलाश में पुलिस टीमें जुटी हैं। इसके साथ ही चार पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में लापरवाही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर कर दिया गया है।

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मंगलवार सुबह सात बाल बंदियों के पकड़े जाने की बात सामने आ रही थी। बाद में पुलिस ने पुष्टि करते हुए तीन बाल बंदियों के पकड़े जाने की बात कही। पकड़े गए तीनों बाल बंदियों में से एक बहल, दूसरा रोहतक व तीसरा अन्य जगह का बताया जा रहा है। रोहतक और बहल निवासी बाल बंदियों पर भी हत्या के मामले दर्ज हैं। 

बाल सुधार गृह में एक एएसआई जगराज सिंह व तीन सिपाही विजेंद्र सिंह, रघुविंद्र और विनोद की ड्यूटी रहती है। सोमवार को वारदात के समय एएसआई जगराज सिंह अवकाश पर थे। रघुविंद्र खाना लेने सिविल लाइन एरिया गए थे और विनोद भी बाल सुधार गृह से बाहर वाटर वर्क्स की तरफ थे। इन चारों पुलिसकर्मियों को ड्यूटी में कोताही बरतने के आरोप में लाइन हाजिर किया गया है। जिला पुलिस की ओर से मंगलवार को नए कर्मचारी वहां तैनात किए गए हैं। 

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गेट रह गया था खुला

जानकारी के अनुसार बाल सुधार गृह में बैरक के बाहर एक ग्राउंड है। उस ग्राउंड का भी एक गेट है, जिसे अंदर वाला गेट भी बोला जाता है। उसके बाद मुख्य गेट है। अकसर यह अंदर वाला गेट खुला रहता है। सोमवार को भी यह गेट खुला हुआ था, जिसका फायदा उठाते हुए फरार हुए बाल बंदियों को मुख्य गेट तक पहुंचने में आसानी रही।

विशेषज्ञ की राय: पूछताछ में पुलिस को आएगी दिक्कत
वरिष्ठ अधिवक्ता लाल बहादुर खोवाल के अनुसार नाबालिग के मामले में पकड़ में आने पर भी पुलिस उनके साथ बालिग आरोपी की तरह पेश नहीं आ सकती। कानून के मुताबिक उसे पहले अदालत में पेश करना होता है। अदालत यह देखेगी कि आरोपी 16 से 18 वर्ष के बीच का है और उसने सोच समझकर कोई जघन्य अपराध किया है तो उसके खिलाफ बालिग आरोपी की तरह ही मुकदमा चलाया जाएगा, अन्यथा उसे नाबालिग होने का कानूनी लाभ मिलेगा। 

किशोर न्याय अधिनियम में निर्भया कांड के बाद संशोधन किया गया था। उससे पहले 18 वर्ष तक के आरोपी को जुवेनाइल के सारे लाभ मिलते थे, लेकिन संशोधन के बाद जघन्य अपराध के मामलों में उम्र 18 से घटाकर 16 कर दी गई थी। अब पकड़े गए बाल बंदियों के मामले में उनकी उम्र और उनके अपराध के मद्देनजर अदालत फैसला लेगी। 

जिसकी गलती होगी उस पर की जाएगी कार्रवाई
बाल सुधार गृह की सुरक्षा व्यवस्था की पुनर्समीक्षा की जाएगी। घटना के कारणों का पता लगाते हुए गहनता से छानबीन होगी। यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था में खामियों के संबंध में हाईकोर्ट को लिखा जाएगा।  - ज्योति बैंदा, चेयरपर्सन, बाल संरक्षण आयोग, हरियाणा। 

तीन पकड़ लिए है, बाकी की तलाश की जा रही है
बाल सुधार गृह से फरार हुए 17 बाल बंदियों में से तीन को गिरफ्तार कर लिया गया है। इनमें एक चौधरीवास और एक तलवंडी राणा से पकड़ा गया है, जबकि तीसरा हांसी पुलिस द्वारा पकड़ा गया है। अन्य को भी पकड़ने के लिए सघन अभियान चलाया जा रहा है। - डॉ. प्रियंका सोनी, उपायुक्त, हिसार।
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