चंडीगढ़। मोबाइल एप से लोन देकर लोगों को ब्लैकमेल करने और पैसे ऐंठने वाले गिरोह के तीन और शातिरों को चंडीगढ़ साइबर क्राइम ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों से 17.31 लाख की नकदी बरामद हुई है। वहीं, 60 लाख की राशि वाले बैंक खातों को सीज कर पुलिस ने आरोपियों के 20 बैंक खातों को फ्रीज करवा दिया है।
आरोपियों की पहचान इंदिरापुरम (गाजियाबाद) निवासी मधुकर दुबे (38), वैशाली (गाजियाबाद) के सेक्टर-5 निवासी राजेश माथुर (40) और तमिलनाडु निवासी चिन्नास्वामी सेप्पन के रूप में हुई है। मामले में पुलिस ने भारतीय राजनीतिक विकल्प पार्टी के अध्यक्ष को भी नोटिस भेजा है। पार्टी अध्यक्ष को सीज किए गए खातों से कुछ राशि भेजी गई थी। पुलिस ने एक माह में इस मामले से जुड़े कुल 29 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक चीनी नागरिक भी शामिल है, जो इस गिरोह का मास्टरमाइंड है। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, मधुकर दुबे ने पूछताछ में बताया कि पिछले 2 से 3 साल से हवाला कारोबार में शामिल है और वह करीब 30 से 40 करोड़ के हवाला कारोबार की कमान संभाल रहा था। राजेश माथुर भी लगभग तीन साल से हवाला कारोबार है और लगभग 40 से 50 करोड़ की राशि का लेनदेन करता था। आरोपियों ने बताया कि चिन्नास्वामी सेलप्पन के खाते में 15 करोड़ रुपयों की ठगी की रकम को ट्रांसफर किया गया था। इस आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों के खिलाफ 6 राज्यों में 89 एफआईआर दर्ज हैं। आरोपियों से पूछताछ में मनी लॉन्ड्रिंग, शेल कंपनियां खोलने, राजनीतिक दलों से संपर्क और ट्रस्टों से संपर्क होने का खुलासा हुआ है।
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आगरा के दो व्यापारी भी शामिल, बैंक अधिकारियों को भेजा नोटिस
पकड़े गए आरोपियों से पुलिस को 41 मोबाइल फोन और 9 लैपटॉप बरामद हुए हैं। पूछताछ में पता चला है कि इसमें कुछ बैंकों के अधिकारियों की भूमिका भी संदिग्ध है। उन्हें भी नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए बुलाया गया है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को भी मामले में हस्तक्षेप करने को कहा गया है। राजेश माथुर और मधुकर दुबे ने पूछताछ में पुलिस को बताया कि आगरा के आयुष अग्रवाल और दक्ष प्रताप सिंह हवाला कारोबार में शामिल हैं। वह टेलीग्राफिक ट्रांसफर और क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से चीन में पैसा ट्रांसफर करते थे। इन दोनों आरोपियों के गैर जमानती गिरफ्तारी कोर्ट ने जारी कर दिए हैं। टीम दोनों की गिरफ्तारी के लिए आगरा रवाना हो गई है।
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चित्तौड़गढ़ के राज वैष्णव का नाम भी शामिल
पूछताछ के दौरान आरोपियों ने चित्तौड़गढ़ (राजस्थान) के राज वैष्णव उर्फ राज किंग नाम के व्यक्ति का भी खुलासा किया है। राज हवाला कारोबार और मनी लॉन्ड्रिंग में शामिल मुख्य खातों का प्रबंधन करता है। आरोपियों ने बताया कि वह प्रतिदिन 10 करोड़ रुपये हवाला के जरिए ट्रांसफर करता है। उसके खिलाफ भी कोर्ट ने गैरजमानती वारंट जारी कर दिया है। पुलिस के अनुसार ठगी के शिकार हुए एक व्यक्ति को तमिलनाडु के आरोपी के खाते से लोन मिला था। आरोपी ने बताया कि उसने अपना बैंक खाता केरल निवासी सैफी मोहम्मद को भेज दिया है। अब वही खाता संचालित करते हैं।