पुलिस को सूचना मिली कि दो युवक बाइक पर कुछ तिजोरीनुमा सामान लेकर गोहाना रोड पर गांव पिंडारा की तरफ जा रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस ने बाइक को रुकवाकर जब तलाशी ली तो दोनों आरोपी तिजोरी समेत काबू आ गए। दोनों ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उन्होंने ही कोरियर कंपनी में चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
आरोपी देवेंद्र पांच साल से कर रहा था कंपनी में काम
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि चोरी के आरोप में काबू किए गए दोनों भाइयों खरक जाटान निवासी देवेंद्र व विजेंद्र में से देवेंद्र पिछले पांच साल से कंपनी में ही सुपरवाइजर के रूप में काम कर रहा था। देवेंद्र को पता था कि कंपनी में कैश कितना आता है और कब आता है। देवेंद्र को यह भी पता था कि कैश कहां और कितनी सुरक्षा में रखा जाता है, इसलिए उसने किसी और इस काम में शामिल नहीं करके अपने ही सगे भाई विजेंद्र को शामिल कर लिया। विजेंद्र एक गैस कंपनी की गाड़ी चलाता है।
जरूरत हुई तो दी चोरी की घटना को अंजाम
सुपरवाइजर देवेंद्र पिछले पांच साल से कोरियर कंपनी में काम कर रहा था। उसने बताया कि उसके हाथ से दो-दो करोड़ रुपये कैश जाता था, लेकिन उसका कभी ईमान नहीं डोला। उसकी मां व उसके भाई का लड़का काफी दिनों से बीमार चल रहे थे। दोनों की बीमारी पर काफी पैसा खर्च हो चुका था। उसने दोनों की बीमारी के लिए कई लोगों से पैसे उधार लिए थे। आर्थिक तंगी के कारण उसका ईमान डोल गया और उसने चोरी की घटना को अंजाम दे दिया।
कोरियर कंपनी से पूछा जाएगा कैश के बारे में
डीएसपी पुष्पा खत्री ने कहा कि एक कोरियर कंपनी में इतनी बड़ी मात्रा में कैश का होना ठीक नहीं है। नियमों के अनुसार इतनी भारी मात्रा में कैश नहीं रखा जा सकता। कंपनी अधिकारियों से इस बारे में पूछा जाएगा कि इतनी भारी मात्रा में उन्होंने कैश क्यों रखा। इस बारे में बात की जाएगी तथा उनकी गाइडलाइन देखी जाएंगी।
यदि उनकी गाइडलाइन में इस तरह कैश रखने का प्रावधान नहीं मिला तो, उनको नोटिस जारी किया जाएगा। खत्री ने कहा कि पुलिस ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज होने के आठ घंटे में ही चोरी की वारदात को सुलझाने में सफलता हासिल की है।