चंडीगढ़। पीजीआई ज्वाइंट एक्शन कमेटी के पदाधिकारी को पुलिस ने वीरवार की सुबह उनके घर से और ड्यूटी के दौरान पीजीआई से गिरफ्तार कर लिया। इसकी सूचना मिलने पर कर्मचारी डायरेक्टर ऑफिस के बाहर एकत्र होने लगे। स्थिति बिगड़ती देख पुलिस ने आनन-फानन में कर्मचारियों को रिहा कर दिया।
ज्वाइंट एक्शन कमेटी ऑफ पीजीआई कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन की ओर से प्रदर्शन की घोषणा के बाद वीरवार की सुबह 5 से 6 बजे के बीच कमेटी के पदाधिकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। इसके बाद पीजीआई प्रशासन को कर्मचारियों द्वारा चेतावनी मिलने पर उन्हें दोपहर बाद रिहा कर दिया गया। लंच के समय प्रदर्शन करते हुए पदाधिकारियों ने इसे लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि पीजीआई प्रबंधन कर्मचारियों की आवाज दबाने का प्रयास कर रहा है, जो गलत है। इसके बाद माहौल खराब हुआ तो पीजीआई प्रबंधन जिम्मेदार होगा।
पीजीआई की ओर से पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में दायर याचिका के बाद अदालत ने यूनियन के चेयरमैन अश्वनी मुंजाल के कैंपस में आने पर रोक लगा दी गई है। कमेटी ने पीजीआई के निदेशक डॉ. विवेक लाल को पत्र लिखकर कहा था कि 8 फरवरी से लंच के समय कर्मचारी प्रतिदिन प्रदर्शन करेंगे। इसके साथ ही 15 फरवरी को कमेटी के चेयरमैन अश्वनी मुंजाल गिरफ्तारी देंगे और 16 फरवरी को हड़ताल की जाएगी। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस ने कुछ पदाधिकारियों को घर और कुछ को पीजीआई से हिरासत में ले लिया। हिरासत में लिए गए पदाधिकारियों में कमेटी के चेयरमैन अश्वनी मुंजाल, रिंकू भगत, श्रीपाल, राजेश चौहान शामिल थे। हिरासत में लेते वक्त उनसे कहा गया कि डीएसपी गुरमुख सिंह कुछ बात करना चाहते हैं, लेकिन इसके सूचना कर्मचारी तक पहुंचने पर स्थिति गंभीर होती देख पुलिस को उन्हें छोड़ना पड़ा।