हमने आपसे ही सीखा है कि जिंदगी की परीक्षा बड़ी है, अंक मायने नहीं रखते। युवाओं की सेहत जरूरी है और हमें अच्छी सोच रखनी है। परीक्षा रद्द करने के फैसले का स्वागत करते हुए हितेश्वर ने कहा कि यह सही समय पर लिया गया निर्णय है। इस दौरान पीएम ने हितेशवर के पिता आशुतोष रंजन से भी बात की।
सपने जैसा लगा: हितेश्वर
हितेश्वर शर्मा ने बताया कि पीएम द्वारा इतने आत्मीय ढंग से बात करना एक सपने जैसा लगा। उसके लिए यह बहुत बड़ा दिन है। पीएम द्वारा इस तरह से विद्यार्थियों से बात करने से न केवल हौसला बढ़ा है, बल्कि आत्मबल भी मिला है। जहां तक 12वीं की परीक्षा रद्द करने की बात है तो ये फैसला सही है। क्योंकि युवाओं के स्वास्थ्य को ध्यान में रखा गया है।
इसको रद्द करने से टापर्स परेशान नहीं हैं, क्योंकि दोबारा से परीक्षा देने का एक आप्शन रखा गया है। हम मोदी के निर्णय के साथ हैं और सब मिलकर कोरोना से लड़ाई जीतेंगे। बड़ी खुशी इस बात की मिली कि पीएम भी पंचकूला में रहे है। बता दें कि हितेश्वर एचसीएस अधिकारी आशुतोष रंजन के बेटे हैं।