हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने पीएम की रैली के दौरान उनके भाषण के दौरान हुई हूटिंग को अपना अपमान करार दिया। उन्होंने कहा कि यदि भाजपा का यही रवैया रहा तो आगे से वे पीएम के कार्यक्रम में ही नहीं जाएंगे।
रैली के बाद मंत्री रणदीप सुरजेवाला के आवास पर पत्रकारों से बातचीत में सीएम ने कहा कि भाजपा देश के संघीय ढांचे की गरिमा को तार-तार कर रही है।
इसका उदाहरण कार्यक्रम में देखने को मिला। प्रधानमंत्री की मौजूदगी में सरकारी कार्यक्रम का पूरी तरह से राजनीतीकरण कर दिया गया। यह प्रजातंत्र के लिए खतरनाक है।
प्रधानमंत्री पद का अपमान हुआ
हुड्डा ने कहा कि प्रधानमंत्री का पद किसी पार्टी का पद न होकर संघीय ढांचे के अंतर्गत एक संस्थागत पद है, लेकिन मंगलवार को जिस तरह से इस पद का अपमान हुआ है, ऐसा पहले कभी नहीं हुआ।
इससे पूर्व भी कांग्रेस पार्टी के प्रधानमंत्री गैर कांग्रेसी राज्यों में सरकारी कार्यक्रमों में जाते रहे हैं, लेकिन कभी इस तरह का व्यवहार नहीं हुआ। कार्यक्रम सरकारी था।
इसमें भाजपा ने राजनीतिक कार्यक्रम बनाते हुए टिकट के दावेदारों और उनके समर्थकों की भीड़ खड़ी कर दी। यह सब एक सोची समझी साजिश के तहत किया गया।
मोदी ने भी की लोगों से शांत रहने की अपील
गौरतलब है कि जनसभा में मुख्यमंत्री जैसे ही बोलने के लिए खड़े हुए तो भीड़ ने हूटिंग शुरू कर दी। हूटिंग न करने का इशारा कर रहे सीएम ने हालांकि शोरगुल के बीच अपना भाषण पूरा किया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोगों को शांत होने का इशारा करते नजर आए।
केंद्रीय मंत्री कृष्ण पाल गुर्जर ने भी लोगों को शांत रहने का इशारा किया लेकिन भीड़ ने किसी की नहीं सुनी। पीएम ने हाथ जोड़कर भी लोगों को शांत रहने का इशारा किया, लेकिन लोगों को यह मंजूर नहीं था।