चंडीगढ़। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह द्वारा 4 अगस्त को किए गए वादे के मुताबिक सितंबर महीने में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चंडीगढ़ आएंगे। एक जुलाई से देशभर में तीन कानूनों को सबसे पहले 100 प्रतिशत लागू करने वाले चंडीगढ़ शहर की पुलिस को मोदी तोहफा देंगे। हालांकि प्रधानमंत्री के आने की तारीख अभी फाइनल नहीं हुई है, लेकिन प्रशासन व पुलिस ने अंदरखाते मोदी के कार्यक्रम को लेकर तैयारियां शुरू कर दी हैं। जानकारी के मुताबिक 1 जुलाई को तीन नए कानून भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम लागू करने वाला चंडीगढ़ देशभर में सबसे पहला केंद्र शासित राज्य है। यहां नए कानूनों के मुताबिक पुलिस के स्तर पर होने वाले कार्य 100 प्रतिशत लागू हो चुके हैं, लेकिन अन्य स्तरों पर इन कानूनों के तहत कुछ कार्य अभी अधूरे हैं जिन्हें पूरा करने के लिए गृहमंत्री ने दो महीने का अतिरिक्त समय दिया था। शाह ने चंडीगढ़ में दौरा करने के दौरान कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद चंडीगढ़ आकर तीन कानूनों को 100 प्रतिशत लागू करने पर इसका रिटर्न गिफ्ट देंगे। इसी के चलते मोदी सितंबर महीने में चंडीगढ़ आएंगे।
चंडीगढ़ पुलिस ने ई-साक्ष्य को हर मामले में 100 प्रतिशत लागू कर दिया है। पुलिस द्वारा एक जुलाई के बाद जितने भी आपराधिक मामलों में एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें जांच अधिकारी द्वारा खुद मौके पर पहुंचकर ई-साक्ष्य एप पर वहां की फोटो व वीडियो अपलोड की जा रही है। हालांकि पुलिस द्वारा अभी तक महिला संबंधित मामलों को छोड़कर अन्य सभी प्रकार की एफआईआर अपलोड नहीं की जा रही है। एफआईआर अपलोड न होने का कारण थाने के एसएचओ हैं। वह सीसीटीएन पर इसे अपलोड नहीं करने देते है जबकि आलाधिकारी इस बारे में कई बार सभी थाना प्रभारियों को दिशा-निर्देश जारी कर चुके हैं। केंद्रीय गृहमंत्री का मकसद था कि अगर कोई भी शिकायतकर्ता एप पर एक क्लिक करें तो उसे अपने मामले की सारी जानकारी ऑनलाइन मिल जाए, लेकिन एफआईआर अपलोड नहीं होने के कारण पुलिस पिछड़ रही है।
ई-सम्मन, न्याय सेतु व न्याय श्रुति को 100 प्रतिशत लागू करने में हो रही देरी
पुलिस ने अपने स्तर पर ई-साक्ष्य को पूरी तरह से लागू कर दिया है, लेकिन ई-सम्मन, ई-सेतु व ई-श्रुति अभी तक शुरू नहीं हो पाए है। ई-सम्मन के तहत कोर्ट में विचाराधीन मामलों में मोबाइल के जरिए ही संबंधित गवाह या व्यक्ति को सम्मन भेजा जाएगा। इसके लिए कोर्ट का रिकॉर्ड ऑनलाइन करने की प्रक्रिया पिछले कई महीनों से चल रही है, लेकिन अभी तक सारा रिकॉर्ड ऑनलाइन नहीं हो पाया है। हालांकि इसके लिए सुप्रीम कोर्ट व हाईकोर्ट स्तर पर ई-कोर्ट कमेटी का भी गठन किया गया है जो इस पूरी प्रक्रिया पर निगरानी रख रही है। न्याय श्रुति के लिए पुलिस द्वारा गवाह की वीडियो कांफ्रेंस के जरिए गवाही दर्ज करवाने के लिए प्रक्रिया पूरी कर ली गई है और सभी थानों में वीडियो कांफ्रेंस रूम भी तैयार करवा दिए गए हैं, लेकिन कोर्ट में इसके लिए अभी तैयारी पूरी नहीं हो पाई है। जबकि न्याय सेतु में डैशबोर्ड बनाया गया है जिसमें केस दर्ज करवाने वाले शिकायतकर्ता को एक ही क्लिक पर सभी प्रकार की जानकारियां मिल सकेंगी। इसमें कुछ स्तर पर कार्य पूरा करने की प्रक्रिया चल रही है। इन अधूरे कार्यों को ही केंद्रीय गृहमंत्री ने 100 प्रतिशत लागू करने के लिए दो महीने का समय दिया था।
प्रधानमंत्री तीन कानूनों को लागू करने की देखेंगे प्रक्रिया
प्रधानमंत्री चंडीगढ़ आने पर नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन की समीक्षा करेंगे। पुलिस द्वारा पीएम को डेमो के जरिए दिखाया जाएगा कि किस तरह नए कानूनों के तहत ई-साक्ष्य एकत्र किए जाते हैं। नई एप में ई-साक्ष्य के तहत डिजिटल साक्ष्यों को एकत्र कर क्लाउड पर स्टोरेज करने, बीएनएसएस में किसी भी अपराध से संबंधित एवीडेंस को डिजिटल रूप में संकलित एवं सुरक्षित करने के लिए पुलिस जांच अधिकारी अपने मोबाइल पर इस एप को इंस्टाल कर घटना से संबंधित साक्ष्यों को डिजिटल फार्म में रिकॉर्ड करने के बारेे में लाइव डैमो के जरिए जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा नए आपराधिक कानूनों के तहत काम करने वाले इंटरऑपरेबल क्रिमिनल जस्टिस सिस्टम (आईसीजेएस) के बारे में भी पीएम को बताया जाएगा।
तीन कानूनों के तहत चंडीगढ़ पहले मार चुका बाजी
तीन कानूनों के तहत देशभर में चंडीगढ़ इकलौता ऐसा शहर है जिसमें सीसीटीएनएस से लेकर एसएचओ की ट्रेनिंग और एफएसएल के इंटीग्रेशन तक काफी तेजी से काम किया है। सिर्फ चंडीगढ़ में ही करीब 22 आईटी विशेषज्ञ और 125 डाटा एनालिस्ट रखे गए हैं। साथ ही 107 नए कंप्यूटर, सभी थानों में स्पीकर और दो वेब कैमरा लगाए गए हैं। थाने में एएसआई या इससे ऊंचे स्तर वाले जांच अधिकारियों को 170 टेबलेट, 25 मोबाइल फोन दिए गए हैं। इसके अलावा चंडीगढ़ पुलिस में 144 नए आई एक्सपर्ट कांस्टेबल भर्ती की प्रक्रिया चल रही है।