पीएम मोदी ने कैंसर संस्थान का उद्घाटन किया
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आरोग्य धाम बाढ़सा में नवनिर्मित विश्व स्तरीय राष्ट्रीय कैंसर संस्थान देश को समर्पित किया। कुरुक्षेत्र रैली से वीडियो कॉन्फ्रेसिंग के जरिए उद्घाटन किया गया। कार्यक्रम में शिरकत करने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और कृषि मंत्री ओमप्रकाश धनखड़ पहुंचे। कैबिनेट मंत्री मनीष ग्रोवर, बनवारी लाल, सांसद धर्मबीर सिंह कार्यक्रम में मौजूद रहे। रोहतक से कांग्रेस सांसद दीपेंदर हुड्डा भी समारोह स्थल पर पहुंचे। वहीं प्रधानमंत्री को सुनने और देखने के लिए समारोह स्थल पर कई बड़ी एलसीडी स्क्रीन लगाई गई।
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान की ये हैं खासियतें
कृषि मंत्री ओम प्रकाश धनखड़ ने बताया कि 12 दिसंबर 2015 को राष्ट्रीय कैंसर संस्थान का भूमि पूजन के साथ निर्माण कार्य शुरू किया था। देश के स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, प्रदेश के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने भूमि पूजन करवाते हुए एम्स प्रशासन को रिकॉर्ड समय में तैयार करने के आदेश दिए थे। वर्तमान सरकार ने लगभग तीन वर्ष में देश का सबसे बड़ा राष्ट्रीय कैंसर संस्थान बनाकर बादली विधान सभा क्षेत्र को बड़ी सौगात देने का ऐतिहासिक कार्य किया है।
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान के निर्माण पर लगभग 2035 करोड़ रुपये की लागत आई है। विश्व स्तरीय यह संस्थान कैंसर के इलाज के साथ-साथ कैंसर की रोकथाम में भी अहम भूमिका निभाएगा। यहां 100 तरह के कैंसर का इलाज किया जाएगा।
710 बिस्तर वाले इस संस्थान में अभी 50 बिस्तरों पर कैंसर मरीजों को भर्ती किया जाएगा। तीन माह बाद बिस्तरों की ये क्षमता बढ़कर 250 हो जाएगी। पिछले कई दिनों से यहां चिकित्सीय सेवाओं का ट्रायल चल रहा था, जिसमें ओपीडी में करीब 80 से 100 कैंसर मरीज उपचार के लिए पहुंच रहे हैं।
इतना ही नहीं, 60 हजार सैंपल की प्रतिदिन जांच क्षमता रखने वाली लैब भी यहां शुरू हो चुकी है। इस लैब में मरीजों के कैंसर ट्यूमर की निशुल्क जांच होगी। इसके अलावा मरीजों के लिए निशुल्क सीटी स्कैन, एक्सरे, कीमोथैरेपी और आपातकालीन विभाग भी शुरू कर दिया है। अस्पताल के अनुसार अगले माह से यहां कैंसर मरीजों के ऑपरेशन भी होने लगेंगे।
कैंसर मरीजों को फ्री मिल सकेगी प्रोटोन थैरेपी
चिकित्सा के क्षेत्र में नए-नए रिकॉर्ड स्थापित करने वाला एम्स जल्द ही कैंसर को लेकर देश को बड़ी राहत देने जा रहा है। जल्द ही एम्स के झज्जर (हरियाणा) स्थित राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में मरीजों को निशुल्क प्रोटोन थैरेपी की सुविधा मिल सकेगी। हालांकि, अभी इसमें करीब डेढ़ से दो वर्ष का वक्त लग सकता है, लेकिन सोमवार को एम्स ने प्रोटोन थैरेपी के लिए अत्याधुनिक मशीन का ऑर्डर दे दिया है।
हाल ही में देश में पहली बार चेन्नई स्थित अपोलो अस्पताल ने ये सुविधा शुरू की है जो जल्द ही राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में भी मिलने लगेगी। बताया जा रहा है कि प्रोटोन थैरेपी के बारे में आधिकारिक घोषणा इसी दौरान की जाएगी।
दिसंबर 2020 तक 500 बिस्तरों की सुविधा मिलेगी
राष्ट्रीय कैंसर संस्थान (एनआईसी) के निदेशक डॉ. जीके रथ ने बताया कि कैंसर चिकित्सा में प्रोटोन थैरेपी का अहम योगदान है। इसके जरिए मरीज को कीमो या रेडियोथैरेपी की जरूरत नहीं पड़ती। साथ ही छोटे से छोटे कैंसर ट्यूमर को भी ये खत्म कर सकती है। इससे बाल नहीं झड़ते, कमजोरी नहीं आती और त्वचा काली नहीं पड़ती है।
डॉ. रथ ने बताया कि अगले माह मशीन की डिलीवरी होने जा रही है। इसे लेकर ऑर्डर भी दिया जा चुका है। चूंकि मशीन काफी बड़ी है। इसके शुरू होने में कम से कम डेढ़ से दो वर्ष का समय लगेगा। दिसंबर 2020 तक ये मशीन और 500 बिस्तरों की सुविधा कैंसर मरीजों के लिए शुरू हो जाएगी।
हर किसी के पास नहीं है 25 लाख
डॉ. रथ का कहना है कि प्रोटोन थैरेपी का इलाज काफी महंगा है। निजी क्षेत्र में मरीज का 20 से 25 लाख रुपये तक का खर्च आता है। चूंकि ये थैरेपी काफी मददगार है, इसलिए सरकार ने एनआईसी को मंजूरी दी है। फिलहाल 600 करोड़ का बजट रखा है। जरूरत पड़ने पर और भी खर्च होगा। राष्ट्रीय कैंसर संस्थान में ये सुविधा निशुल्क मिलेगी। उन्होंने बताया कि प्रोटोन थैरेपी के तहत पेंसिल बीम थैरेपी से भी स्तन, गर्भाश्य, प्रोस्टेट, फेफड़ों इत्यादि के कैंसर ग्रस्त मरीजों को इलाज मिलेगा।