चंडीगढ़। जिला उपभोक्ता आयोग ने तीन किस्तों में पैसे लेने के बावजूद प्लॉट पर कब्जा न देने के मामले में बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड को सेवा में कोताही का दोषी करार दिया है। इसके साथ कंपनी को तेज पाल गुलेरिया (अब मृत) के बेटे और पत्नी को मुआवजे के रूप में दस प्रतिशत प्रति वर्ष ब्याज दर के साथ 8.72 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं।
क्या था मामला... सेक्टर-23डी चंडीगढ़ के रहने वाले तेज पाल गुलेरिया के बेटे ने जिला उपभोक्ता आयोग को दी शिकायत में बताया कि उनके पिता ने फरवरी 2012 में मोहाली के सेक्टर-113 के न्यू फ्रेंड एन्क्लेव में एक परियोजना में 125 वर्ग मीटर जमीन लेने के लिए बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड से 19.37 लाख में सौदा किया था, जिसके लिए उन्होंने बुकिंग राशि के रूप में 50 हजार रुपये दिए थे। इसके बाद 16 अप्रैल को 2012 को 4.35 लाख रुपये प्लॉट खरीदने लिए दिए। वहीं, थोड़े समय के बाद फिर 3.87 लाख रुपये का भुगतान किया। ग्राहक की ओर से तीन बार में कुल 8.72 लाख रुपये का भुगतान किया गया। इसके बाद लंबा समय बीत जाने के बावजूद बिल्डर्स की ओर से परियोजना के विकास के लिए काम न होता देख तेजपाल गुलेरिया ने कई बार बिल्डर्स से पैसे लौटाने का अनुरोध किया लेकिन बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई। मामले की सुनवाई करते हुए जिला उपभोक्ता आयोग ने बाजवा डेवलपर्स लिमिटेड को तेजपाल गुलेरिया के बेटे और पत्नी को दस प्रतिशत प्रति वर्ष की ब्याज दर के साथ 8.72 लाख रुपये देने के आदेश दिए हैं।