चंडीगढ़। पांच महीने पहले गुरुग्राम के सेक्टर-38 स्थित एक मकान में यूटी पुलिस के सेवानिवृत्त इंस्पेक्टर विष्णु दत्त की बेटी रितु शर्मा का संदिग्ध हालत में फंदे से झूलता हुआ शव मिला था। मामले में परिजनों को जानलेवा धमकी मिली थी, जिसकी शिकायत उन्होंने चंडीगढ़ पुलिस से की। 50 दिन बाद भी कार्रवाई न होने पर परिजनों ने वीरवार को सेक्टर-9 स्थित पुलिस मुख्यालय में ज्ञापन सौंपा और जल्द से जल्द कार्रवाई करने की मांग की।
सेक्टर-20 निवासी रितु का 10 अगस्त 2020 को गुरुग्राम के सेक्टर-38 स्थित उसका शव कमरे के बाथरूम में फव्वारे से चुन्नी में लटकता मिला था। रितु के बड़े अजय ने बताया था कि जांच पर रितु की जांघ और पेट पर चोट के निशान थे। उससे दुष्कर्म होने का भी शक जताया गया था, लेकिन पुलिस सही ढंग से कार्रवाई करने के बजाय लापरवाही बरती है। मामले की जांच के लिए एसआईटी गठित की गई थी, लेकिन अब तक पुलिस ढील बरत रही है। आरोप है कि पुलिस 3 नवंबर को रितु का लैपटॉप अपने साथ ले गई, लेकिन अब तक केस के बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं दी गई है। अजय का आरोप था कि 10 और 18 अक्टूबर को कुछ अनजान लोग उनके घर पहुंचकर धमकाया है।