चंडीगढ़। बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट (एसीयू) के अधिकारियों ने आगामी चंडीगढ़ प्रीमियर लीग (सीपीएल) 2025 में भाग लेने वाले खिलाड़ियों, सपोर्ट स्टाफ और फ्रेंचाइजी मालिकों के लिए एक जागरूकता सत्र आयोजित किया। इस सत्र में रवींद्र डोईफोडे और राकेश दीक्षित ने जरूरी जानकारियां साझा किए। दोनों अधिकारी मुंबई पुलिस और दिल्ली पुलिस में उच्च पदों पर कार्यरत रहे हैं।
अधिकारियों ने खिलाड़यों को सट्टेबाजी नेटवर्क, सट्टेबाजों और बाहरी तत्वों की ओर से उत्पन्न किए जाने वाले संभावित जोखिमों की जानकारी दी। ये मैचों के परिणाम को प्रभावित करने का प्रयास करते हैं। उन्होंने निरंतर सतर्कता बरतने और बीसीसीआई की ओर से निर्धारित आचार संहिता का कड़ाई से पालन करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने खिलाड़ियों को सोशल मीडिया, फोन कॉल या अनौपचारिक बातचीत के माध्यम से जाने या अनजाने में संवेदनशील जानकारी साझा करने के खतरों को भी बताया। इस सत्र में घरेलू और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के वास्तविक जीवन के केस स्टडी शामिल थे, जिनसे खिलाड़ियों को यह समझने में मदद मिली कि भ्रष्टाचार के प्रयास कैसे बीसीसीआई और पुलिस के सामने लाए जा सकते हैं।
इस अवसर पर यूटीसीए के अध्यक्ष संजय टंडन ने कहा कि क्रिकेट अपनी प्रतिस्पर्धा और जुनून के लिए जाना जाता है, लेकिन इसकी विश्वसनीयता की रक्षा करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। बीसीसीआई की एंटी करप्शन यूनिट के मार्गदर्शन से हमारे खिलाड़ियों को खतरों को पहचानने री महत्वपूर्ण जानकारियां मिली। वहीं टंडन ने बताया कि वीरवार से चंडीगढ़ प्रीमियर लीग की शुरुआत सेक्टर 16 के क्रिकेट स्टेडियम में शुरू होने जा रही है। यहां पर पहला मुकाबला 10 बजे और दूसरा मुकाबला 2.15 बजे से खेला जाएगा।