दिवाली पर पर्यावरण को सुरक्षित बनाने के लिए अमर उजाला की ओर से शुरू किए गए ‘एक युद्ध पटाखों के विरुद्ध’ अभियान को शहरवासियों का भरपूर जनसमर्थन मिल रहा है। बच्चों से लेकर सीनियर सिटीजन इस बात की शपथ ले रहे हैं कि वे पर्यावरण की रक्षा करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
धुएं और शोर से शहर को बचाने की जिम्मेदारी उनकी भी है। प्रदूषण को रोकने के लिए अपनी ओर से पहल करने के साथ वे लोगों को जागरूक भी करेंगे। आप भी शपथ लेकर पर्यावरण के प्रति अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन कर सकते हैं। अपना शपथ पत्र chd-cityreporter@chd.amarujala.com पर भेज सकते हैं।
पार्क में जाकर बच्चों को कर रहा हूं जागरूक
पटाखों से ध्वनि प्रदूषण भी बढ़ता है। मैंने अपने अनुसंधान में देखा कि 120 डेसिबिल (डीबी) के शोर से हाइपरटेंशन, कलर ब्लाइंडनेश व अदृश्य रूप में त्वचा-जलन के दुष्परिणाम हैं। यह मीठा जहर है। दिवाली में स्मॉग के साथ घातक ओजोन गैस की मात्रा बढ़ जाती है। मैं शाम को पार्क में जाता हूं और वहां बच्चों को पटाखों से निकले वायु-शोर प्रदूषण से सचेत कर रहा हूं। आप भी अमर उजाला के इस अभियान से जुड़ें।
-डॉ. बासुदेव प्रसाद, पर्यावरण वैज्ञानिक (से.नि.), सीएसआईओ चंडीगढ़
इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली
इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली। मैंने संकल्प लिया है कि इस बार दिवाली पर हमारे परिवार में आतिशबाजी नहीं होगी। पर्यावरण की रक्षा करना हम सबकी जिम्मेदारी है। मैं अपनी सभी सहेलियों को भी इसअभियान से जोडूंगी। घर के आसपास के लोगों को भी जागरूक कर पटाखे नहीं फोड़ने का संकल्प दिलाऊंगी।
- गुरविंदर कौर पन्नू, रिसर्च स्कालर, पंजाब यूनिवर्सिटी
पटाखों पर खर्च करने वाली राशि पीएम फंड में जमा करें
कोरोना जैसी बुराई के दौर में अच्छाई का रास्ता ढूंढना चाहिए। इस बार जैसा माहौल चल रहा है, वैसे कदम उठाने चाहिए। दिवाली पर खर्च होने वाला धन प्रधानमंत्री केयर फंड में जमा करें, इससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। दीप, मोमबत्ती जलाकर दिवाली मनाएं, ना कि पटाखे फोड़कर।
- पवन बत्तरा, मकान नं. 699, सेक्टर-10, पंचकूला
पड़ोसियों को भी जागरूक करेंगे
पर्यावरण हितैषी दिवाली मनाने के लिए मैं पूरी तरह से प्रतिबद्ध हूं। दिवाली खुशियों का त्योहार है। ऐसा कोई काम न करें, जिससे दूसरों की जिंदगी प्रभावित हो। इस बारे में अन्य लोगों को भी जागरूक करेंगे, ताकि इस बार की दिवाली बिना पटाखों वाली हो। कोरोना काल से निपटने के लिए जरूरी है कि सभी नागरिक अपनी जिम्मेदारी निभाएं।
- शिवानी, विद्यार्थी, सेक्टर 15, चंडीगढ़