चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा निजी स्कूलों को फीस लेने की छूट देने के आदेश के खिलाफ पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर की गई है। चंडीगढ़ निवासी एडवोकेट पंकज चांदगोठिया ने चंडीगढ़ प्रशासन द्वारा फीस के बारे में जारी सभी मेमो, सलाह व निर्देश को रद्द करने की हाईकोर्ट से गुहार लगाई है।
अपनी याचिका में पंकज ने बताया कि 18 मई को चंडीगढ़ प्रशासन के एक आदेश जारी कर निजी स्कूलों द्वारा फीस व अन्य फंड लेने के रास्ते खोल दिए। प्रशासन ने अपने आदेश में अप्रैल व मई की फीस 31 मई तक जमा करवाने व अगले महीने की फीस हर महीने 15 तारीख तक जमा करने के आदेश जारी किए है।
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याचिका में आरोप लगाया गया है कि लॉकडाउन के चलते मार्च माह से सब कुछ बंद है। केंद्र सरकार समेत आरबीआई व अन्य बैंकों ने लोगों को राहत देने के लिए कदम उठाए लेकिन अधिकतर स्कूल बच्चों को किसी भी तरह की कोई राहत देना नहीं चाहते। स्कूल मार्च से बंद है लेकिन वो बच्चों से सभी फंड व फीस वसूलने के लिए तैयार बैठे है। कुछ स्कूलों ने सभी फंड लेने के लिए ऑनलाइन क्लास भी शुरू की हुई हैं ताकि वो अपने फंड वसूली को जायज ठहरा सके।
याचिका में कहा गया है कि अधिकतर अभिभावक वित्तीय परेशानी का सामना कर रहे हैं। ऐसे में हाईकोर्ट प्रशासन के उन सभी आदेश पर रोक लगाए व भविष्य में ऐसे आदेश भी जारी न करने दे, जो निजी स्कूलों को अभिभावकों से फंड वसूली की छूट दे। याचिका में केवल टयूशन फीस को छोड़कर अन्य सभी तरह के फंड लेने पर भी रोक लगाने की मांग की गई है।