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मनचलों के कारण स्कूल नहीं जा पा रहीं छात्राएं, कैसे बेटी पढ़ाएं-बेटी बचाएं?

Fri, 02 Jun 2017 09:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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हरियाणा में स्कूलों को अपग्रेड न करने के कारण छात्राओं को समस्याओं को सामना करना पड़ता है। इस असुविधा को मुद्दा बनाकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने जनहित याचिका दाखिल की है। 
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याचिका में हरियाणा सरकार के ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ नारे को अर्थहीन बताया गया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर 9 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है। याची ने कहा कि मनचलों के कारण छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रही हैं और राज्य सरकार ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ कर नारा दे रही है। कुछ छात्राओं ने गांव से स्कूल दूर और रास्ते में मनचले द्वारा तंग करने की बात कह कर स्कूल जाने से इंकार कर दिया है। लिहाजा इन छात्राओं ने अपने गांव के स्कूल को अपग्रेड कर 12 तक किये जाने की मांग की है। 

एडवोकेट भट्टी ने जनहित याचिका दाखिल कर राज्य में बेटियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाने की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस दर्शन सिंह की खंडपीठ ने केंद्र सहित हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, रेवाड़ी, पलवल और गुरुग्राम के डीसी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है। 
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हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर मांगा जवाब

पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट
दायर याचिका में भट्टी ने बताया है कि बीते माह रेवाड़ी के गोठड़ा टप्पा डहीना की छात्राएं इसलिए भूख-हड़ताल पर चली गईं थीं कि उन्हें पढ़ाई के लिए अन्य गांव के स्कूल में जाना पड़ता था और रास्ते में मनचले तंग करते थे। इन छात्राओं ने अपने गांव के स्कूल को अपग्रेड करने की मांग की थी। इसके बाद कुछ अन्य गांवों की छात्राओं ने भी यही मांग की थी। 

भट्टी के अनुसार, जो राज्य ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ का नारा दे रहा है। वहां की बेटियों को जब इस तरह की परेशानी का सामना करना पड़ रहा हो तो कैसे यह नारा साकार होगा। राज्य सरकार इस मामले में कदम नहीं उठा रही है। जनवरी 2015 में राज्य सरकार को ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ योजना के तहत दो करोड़ 23 लाख रुपये का जो अनुदान मिला था, उस राशि को सरकार ने अन्य जगह खर्च किया है, जिसका हवाला कैग की रिपोर्ट में दिया गया है।

याची ने इस योजना को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए हाईकोर्ट से मांग की है। हरियाणा में बच्चियों को शिक्षा के साथ उन्हें सुरक्षा भी प्रदान की जा सके। हाईकोर्ट ने याचिका पर सभी प्रतिवादी पक्षों को नोटिस जारी कर जवाब मांग लिया है।
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