हरियाणा में स्कूलों को अपग्रेड न करने के कारण छात्राओं को समस्याओं को सामना करना पड़ता है। इस असुविधा को मुद्दा बनाकर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में एडवोकेट जगमोहन सिंह भट्टी ने जनहित याचिका दाखिल की है।
याचिका में हरियाणा सरकार के ‘बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ’ नारे को अर्थहीन बताया गया है। हाईकोर्ट ने राज्य सरकार सहित अन्य को नोटिस जारी कर 9 अगस्त तक जवाब दाखिल करने को कहा है। याची ने कहा कि मनचलों के कारण छात्राएं स्कूल नहीं जा पा रही हैं और राज्य सरकार ‘बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ’ कर नारा दे रही है। कुछ छात्राओं ने गांव से स्कूल दूर और रास्ते में मनचले द्वारा तंग करने की बात कह कर स्कूल जाने से इंकार कर दिया है। लिहाजा इन छात्राओं ने अपने गांव के स्कूल को अपग्रेड कर 12 तक किये जाने की मांग की है।
एडवोकेट भट्टी ने जनहित याचिका दाखिल कर राज्य में बेटियों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए पर्याप्त कदम उठाने की मांग की है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस एसएस सारों एवं जस्टिस दर्शन सिंह की खंडपीठ ने केंद्र सहित हरियाणा सरकार के शिक्षा विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, रेवाड़ी, पलवल और गुरुग्राम के डीसी को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने को कहा है।