चंडीगढ़। पंजाब के राज्यपाल व यूटी के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर से शुक्रवार को शहर के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने स्वास्थ्य सेवाएं बढ़ाने पर जोर दिया। शहर में बढ़ते कोरोना के मामलों को देखते हुए यूटी प्रशासन ने जीएमसीएच-32 की फिजिकल ओपीडी को बंद कर दिया है, ताकि डॉक्टर अब पूरी तरह से कोरोना के मरीजों पर ध्यान दे सकें। इसके अलावा कोरोना को रोकने के लिए अब प्रशासन एमबीबीएस और नर्सिंग छात्रों की भी मदद लेगा। प्रशासक ने शहरवासियों से आग्रह किया है कि वह कोरोना वायरस के सभी दिशा-निर्देशों का पालन करें। मास्क पहनने और सामाजिक दूरी के नियमों को मानें, तभी कोरोना को हराया जा सकता है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को आदेश दिए कि शहर में रात्रि कर्फ्यू के नियमों का सख्ती से पालन कराया जाए।
वॉर रूम में लिए गए अहम फैसले
- जीएमसीएच-32 में एल-3 स्तर के 20 अतिरिक्त बेड स्थापित किए जाएंगे। ऑक्सीजन सप्लाई के लिए पाइपलाइन बिछाई जाएगी
- सेक्टर-48 के अस्पताल में ए-2 स्तर की सुविधा के तहत पहली मंजिल पर 30 बेड स्थापित किए जाएंगे
- जीएमसीएच-32 में फिजिकल ओपीडी पूरी तरह बंद। केवल इमरजेंसी सुविधाएं चालू रहेंगी
- एमबीबीएस व नर्सिंग के अंतिम वर्ष के विद्यार्थियों को कोरोना ड्यूटी में लगाया जाएगा
- जीएमसीएच-32 के बेसिक फैकल्टी स्टाफ को भी कोविड ड्यूटी में लगाया जाएगा
- जीएमसीएच-32 में प्लाज्मा बैंक बनेगा, जिसे कोविड ट्रीटमेंट में इस्तेमाल किया जाएगा
- जो डॉक्टर मोबाइल ड्यूटी पर लगाए गए हैं, उनकी जगह मेडिकल स्टूडेंट्स ड्यूटी देंगे ताकि वरिष्ठ डॉक्टर गंभीर मरीजों का इलाज कर सकें
- पीजीआई के विशेषज्ञ डॉक्टर समय-समय पर प्रसाशन के अस्पतालों में जाएंगे और मेडिकल सलाह देंगे
- स्वास्थ्य विभाग को रेमडेसिविर और टोसिलिजुमैब दवाओं की आपूर्ति अस्पतालों और केमिस्ट के पास सुनिश्चित करने को कहा गया है
- केमिस्ट केवल अस्पताल में भर्ती मरीजों के लिए डॉक्टर की पर्ची पर ही दवा दे सकेंगे