स्कूलों में बच्चों को पौष्टिक और स्वच्छ माहौल में खाना मिले, इसके लिए अब हरियाणा शिक्षा विभाग ने केंद्र सरकार से मिले निर्देशों पर अमल शुरू कर दिया है।
एलीमेंटरी शिक्षा निदेशक के जरिए मिड-डे-मील के संयुक्त निदेशक ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र भेजकर स्कूलों की रसोई में खाद्य सामग्री की स्वच्छता और रसोई को साफ सुथरा रखने के लिए कड़े कदम उठाने को कहा है।
मंगलवार को जारी पत्र में यह निर्देश भी दिए हैं कि डीईओ संबंधित स्कूल की रसोई में सफाई से पहले और बाद में फोटो भी लें। यह फोटो शिक्षा विभाग को भेजने के निर्देश भी दिए गए हैं। बच्चों के लिए पकाए गए भोजन में छिपकलियां निकलने जैसी घटनाओं ने साफ-सफाई के मुद्दे पर अक्सर सवाल खड़े किए हैं।
ऐसी घटनाएं केवल हरियाणा ही नहीं अन्य प्रदेशों में भी सामने आई हैं। इसी के मद्देनजर केंद्र सरकार ने गत 15 जून को मिड-डे-मील के बारे में राज्य सरकारों को आवश्यक दिशा निर्देश भेजते हुए उनका सख्ती से पालन करने को कहा है।
विकास मंत्रालय ने जारी किया निर्देश
केंद्र सरकार ने अपने निर्देशों में केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय की ओर से गत 13 फरवरी को मुख्य सचिवों को भेजे गए निर्देशों का हवाला भी दिया है। इसके तहत मिड-डे-मील में पकाए जाने वाली खाद्य सामग्री के रखरखाव, पेयजल की व्यवस्था के साथ-साथ बर्तनों और भोजन पकाने और खाने के स्थल की सफाई के लिए अनेक प्रावधान किए गए हैं।
केंद्र सरकार ने मिड-डे-मील में बैक्टीरिया, खमीर, कीट-पतंगे, कंकड़-पत्थर, धातु, लकड़ी, कांच, मिट्टी, बाल, नाखून, कीटनाशक, पेंट, पानी साफ करने वाले केमिकल, खाद, फंगस जैसी सभी वस्तुओं को खाना बनाने में इस्तेमाल होने वाले अनाज से दूर रखने के उपाय करने के निर्देश दिए हैं। इसके अलावा खाना बनाने व परोसने वालों का भी साफ-सुथरा रहना जरूरी है।
हर रोज करनी होगी सफाई
मिड-डे-मील रसोई के सारे सामान और पूरे स्थल की सफाई प्रतिदिन खाना बनाने से पहले और बाद में करना जरूरी होगा। इसके साथ ही जिस जगह बच्चों को खाना परोसा जाएगा, वहां भी खाने से पहले और बाद में सफाई जरूरी होगी।
पहले टेस्ट करना होगा खाना
नए निर्देशों के अनुसार मिड-डे-मील तैयार होने के बाद सबसे पहले संबंधित अध्यापक को उसे चखकर जांचना होगा। अध्यापक इस बारे में पूरा रिकार्ड भी रजिस्टर में दर्ज करेंगे। स्कूल प्रबंधन कमेटी के सदस्य भी खाना टेस्ट करेंगे। इसके बाद ही बच्चों को खाना परोसा जाएगा। हाईजैनिक मिड-डे-मील के लिए सभी स्कूलों को निर्देश जारी
शिक्षा विभाग ने कुकिंग कॉस्ट बढ़ाई
हरियाणा मौलिक शिक्षा विभाग ने स्कूलों में मिड-डे-मील के लिए तय कुकिंग कॉस्ट में पांच फीसदी का इजाफा किया है। जिला मौलिक शिक्षा अधिकारियों को निदेशक की ओर से भेजे पत्र में कहा गया है कि गत एक जुलाई 2015 से नई कुकिंग कास्ट लागू की गई है जो वर्ष 2015-16 के दौरान लागू रहेगी।
इसके तहत अब प्राइमरी छात्रों के लिए 3.77 रुपये प्रति छात्र खर्च किए जाएंगे। जबकि अपर प्राइमरी छात्रों के लिए 5.65 रुपये में खाना पकेगा। प्राइमरी छात्रों की राशि में 2.83 रुपये केंद्र और 0.94 रुपये राज्य का हिस्सा होगा। अपर प्राइमरी छात्रों की राशि में 4.24 रुपये केंद्र और 1.41 रुपये राज्य का हिस्सा होगा।