पीजीआई का पहला लंग्स ट्रांसप्लांट हुआ असफल
पीजीआई का पहला लंग्स (फेफड़ा) ट्रांसप्लांट सफल नहीं रहा। ट्रांसप्लांट के 14 वें दिन महिला की मौत हो गई। बीते 11 जुलाई को संगरूर जिले की 34 वर्षीय महिला में 22 साल के युवक का फेफड़ा ट्रांसप्लांट किया गया था।
एक हादसे में घायल युवक के अंग पीजीआई को डोनेट किए गए थे। इसी युवक का फेफड़ा महिला को लगाया गया था। पीजीआई के डॉक्टरों ने बताया कि महिला का बीपी कंट्रोल नहीं हुआ। लगातार रक्तस्राव जारी था। बीपी कंट्रोल करने के लिए महिला को एक्मो मशीन में रखा गया लेकिन वह जिंदगी की जंग जीत नहीं पाई।
ट्रांसप्लांट के बाद महिला ठीक हो रही थी
फेफड़ा ट्रांसप्लांट के बाद महिला के स्वास्थ्य में सुधार आ रहा था। ट्रांसप्लांट के अगले ही दिन उसे होश आ गया था। परिजनों को उससे मिलने की अनुमति दे दी गई थी। महिला ने खाना-पीना भी शुरू कर दिया था। लेकिन करीब हफ्ते भर पहले उसे इंफेक्शन होना शुरू हो गया। इससे उसकी हालत बिगड़ने लगी। इंफेक्शन को कंट्रोल भी किया गया, लेकिन उसके बाद स्वास्थ्य में गिरावट आना शुरू हो गई।