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पीजीआई की ओपीडी खुली, 300 मीटर लंबी कतार लगी

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पीजीआई में लगी मरीजों की कतार। - फोटो : CHANDIGARH
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चंडीगढ़। कोरोना के सात महीने बाद पीजीआई की ओपीडी सोमवार को खुली। पहले दिन पंजीकरण के आधार पर 698 मरीजों को देखा गया। उनके साथ तीमारदार भी थे, जो न्यू ओपीडी के बाहर बने लॉन में रुके थे। पहले दिन कुछ को जांच करवाने के लिए कहा गया तो कुछ को दवाएं लिखी गईं। शारीरिक जांच कुछ ही लोगों की हुई। मरीजों के लिए खास बात यह रही कि जो भी पीजीआई पहुंचे, उनमें अधिकांश की बात सुनी गई और उन्हें अगले दिनों में आने का समय दिया गया। पीजीआई निदेशक प्रो. जगतराम ने ओपीडी का दौरा किया और सभी लोगों का परीक्षण करने को कहा।
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सामाजिक दूरी का पालन पूरा नहीं, सुरक्षा कर्मियों ने संभाला मोर्चा
पीजीआई में सोमवार को न्यू ओपीडी, पीडियाट्रिक, गाइनी, आई सेंटर, डेंटल आदि विभागों की ओपीडी शुरू हुई। कई राज्यों से लोग पंजीकरण करवाकर सुबह 6 बजे से पीजीआई गेट के बाहर व ओपीडी के बाहर लाइन लगाकर खड़े थे। सभी अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। प्रतीक्षालय के बाहर 300 मीटर से अधिक लंबी लाइन लग गई। वहीं पर लोगों को बैठाया गया और उनको नंबरों के आधार पर बारी-बारी से भेजा गया। आने वाले मरीजों में अधिकांश पुराने मरीज शामिल रहे। जिन लोगों को पंजीकरण की तिथि या संदेश नहीं मिला था, वह भी पीजीआई पहुंचे थे। उन्हें दोबारा आने की तिथि बताई गई। कुछ जगह सोशल डिस्टेंसिंग का पालन नहीं हो रहा था तो सुरक्षा कर्मियों ने पालन करने को कहा। हर व्यक्ति के चेहरे पर मास्क नजर आया।
कई राज्यों से पहुंचे थे मरीज, कुछ होटल तो कुछ रिश्तेदारों के पास रुके थे
पीजीआई में मरीज कई राज्यों से पहुंचे थे। इनमें उत्तर प्रदेश, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, जम्मू कश्मीर, पंजाब आदि जगहों के लोग शामिल थे। कुछ मरीजों को पता लगा कि ओपीडी दो नवंबर से शुरू होने वाली है तो वह पहले ही चंडीगढ़ या आसपास के क्षेत्रों में रह रहे अपने परिचितों के यहां आकर रुक गए थे। जिन मरीजों को दोबारा हाल ही में बुलाया गया है, वे होटल आदि में भी रुके हैं। हालांकि, ऐसे मरीज वे हैं, जिनको गंभीर बीमारियां हैं। इनका इलाज टेली सर्विस के जरिये भी चल रहा था।
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किस डिपार्टमेंट में कितने मरीज देखे गए
डिपार्टमेंट कुल मरीज
नेत्र विभाग 227
डेंटल 40
स्टाफ क्लीनिक 216
रेडियोथैरेपी 67
गाइनेकोलाजी 13
डे केयर -1 30
डे केयर -2 37
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