डॉक्टर्स की हड़ताल के बाद अब नर्सें हड़ताल पर जा रही हैं। इसके कारण पीजीआई में कई सर्जरियां टाली गई, वहीं स्ट्राइक के पीछे बड़ी वजह बताई जा रही है।
पीजीआई की नर्सों ने हड़ताल जाने का एलान किया है। शुक्रवार से नर्सेज हड़ताल पर जा रही हैं। इससे कई सेवाएं प्रभावित हा सकती हैं। पीजीआई प्रशासन ने एहतियात के तौर पर 80 से ज्यादा प्लान सर्जरी टाल दी हैं। अब उन्हें बाद में बुलाया जाएगा। हालांकि इन मरीजों को काफी दिन पहले सर्जरी की डेट मिल गई थी, लेकिन अब उन्हें फिर से सर्जरी की नई डेट लेनी होगी।
पीजीआई के सूत्रों के मुताबिक मेन ओटी में ही करीब 100 से ज्यादा छोटे-बडे़ आपरेशन होते हैं। इसके अलावा एडवांस आई सेंटर में भी 100 से ज्यादा एक दिन में प्लान सर्जरी होती हैं। इमरजेंसी में सिर्फ15-20 सर्जरी की जाती हैं। इस हिसाब से 80 से ज्यादा प्लान सर्जरी को पीजीआई ने टाल दिया है। पीजीआई की ओर से बताया गया है कि जो नर्सें हड़ताल पर जा रही हैं, उनकी जगह नर्सिंग स्टूडेंट की सेवाएं ली जाएंगी।
अनिश्चितकालीन हड़ताल
पीजीआई नर्सिंग वेलफेयर एसोसिएशन के प्रेसिडेंट लखविंदर सिंह ने बातया कि पीजीआई में 1700 से ज्यादा नर्सेज हैं। वे सभी अनिश्चितकालीन के लिए हड़ताल पर जा रही हैं। उन्होंने बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के आश्वासन पर वे पिछले नौ महीने से हड़ताल टालते आ रहे हैं, लेकिन उनकी मांगे नहीं मानी गईं। उनकी प्रमुख मांग 5400 ग्रेड पे की है।
लखविंदर सिंह का कहना है कि एंट्री लेवल पर नर्सों की क्वालिफिकेशन बढ़ाई जा रही है, लेकिन ग्रेड पे पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा। उनकी दूसरी मांग एलाउंसेज को लेकर है। जो अन्य कर्मियों को एलाउंस मिल रहे हैं, उतने नर्सेज को भी मिलने चाहिए। इसके अलावा रिस्क एलाउंस भी नहीं मिल रहा है।
नर्सिंग एसोसिएशन की हड़ताल के कारण 80 से ज्यादा प्लान सर्जरी को टाल दिया गया है। नर्सिंग स्टूडेंट की मदद ली जा रही हैै। ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं प्रभावित नहीं होंगी।
- मंजू वडवालकर, प्रवक्ता पीजीआई