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Chandigarh News: अस्पतालों में स्ट्रोक के मरीजों को रेफर करने से पहले सूचना पहुंच रही पीजीआई

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चंडीगढ़। ठंड में ब्रेन स्ट्रोक के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में पीजीआई स्ट्रोक केयर यूनिट द्वारा शुरू किए गए टेली स्ट्रोक एप्लीकेशन का मरीज को काफी लाभ मिल रहा है। इस एप्लीकेशन के माध्यम से जीएमएसएच-16 समेत शहर के अन्य सिविल अस्पतालों को पीजीआई से जोड़ा गया है। इसके माध्यम से इन अस्पतालों में स्ट्रोक के मरीजों के पहुंचते ही उसकी सूचना सीधे पीजीआई पहुंच रही है। उस सूचना के आधार पर पीजीआई के स्ट्रोक केयर यूनिट में विशेषज्ञ तत्काल प्रबंधन पर फोकस करना शुरू कर रहे हैं जिससे रेफर मरीज के पीजीआई पहुंचने ही उसे बिना विलंब तत्काल इलाज उपलब्ध कराया जा सके। पीजीआई स्ट्रोक केयर यूनिट के प्रभारी न्यूरोलॉजिस्ट प्रोफेसर धीरज खुराना ने बताया कि यह एप्लीकेशन अन्य अस्पतालों को पीजीआई से सीधे जोड़ने के लिए बनाया गया है जिससे स्ट्रोक के मरीजों को तत्काल उच्च इलाज मिलना संभव हो सके। क्योंकि ऐसे मरीजों में एक-एक मिनट बहुत ही कीमती होता है। प्रोफेसर खुराना ने बताया कि मौजूदा समय में स्टॉक के मरीजों की संख्या दोगुनी से भी ज्यादा हो गई है।
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ब्रेन स्ट्रोक का सुबह खतरा ज्यादा

प्रो. धीरज ने बताया ब्रेन स्ट्रोक का खतरा ठंड में ज्यादा होता है, इसलिए सुबह के समय खतरा अधिक बढ़ जाता है। लोगों को ठंड में मॉर्निंग वॉक से बचना चाहिए। धूप निकलने के बाद टहलने जाएं। इसके साथ ही ब्रेन स्ट्रोक का खतरा हाई ब्लड प्रेशर, मधुमेह, हृदय रोग, मोटापा, तनाव और धूम्रपान करने वालों को अधिक रहता है।

इनसेट-

ठंडे पानी से न करें स्नान

ठंड के दिनों में धूप निकलने के बाद हल्के गुनगुने पानी से स्नान करना चाहिए। ठंडे पानी से स्नान करना घातक साबित हो सकता है। कई ऐसे मामले भी सामने आ चुके हैं, जब सुबह-सुबह लोग नहाने गए और बाथरूम में स्ट्रोक के शिकार हो गए।
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स्ट्रोक के कारण

- हाई ब्लड प्रेशर होना

- अनियमित डायबिटीज होना

- कोलेस्ट्रॉल की मात्रा बढ़ जाना

- शराब व सिगरेट की लत होना

- अनियमित लाइफ स्टाइल

- फिजिकल एक्टिविटी न करना

इनसेट-

BEFAST रखें याद

B - बैलेंस (balance) व्यक्ति को अचानक बैलेंस में परेशानी होना

E - आई (eyes) अचानक धुंधला दिखना एक या दोनों आंखें भी प्रभावी हो सकती हैं

F - फेस (face) मुस्कुराने पर चेहरे का एक तरफ टेढ़ा होना

A - आर्म्स (arms) दोनों हाथों को ऊपर उठाने पर उन्हें एक हाथ में कमजोरी का अनुभव हो सकता है

S - स्पीच (speech) बोलने पर हकलाहट हो सकती है या व्यक्ति बोलने में असमर्थ हो सकता है

T - टाइम (time) ऐसा होने पर तुरंत नजदीकी अस्पताल जाएं

रिद्धि मिश्रा।

रिद्धि मिश्रा।

रिद्धि मिश्रा।

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