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पीजीआई कर रहा फिजीकल ओपीडी संचाजलन का दावा, मरीज अब भी परेशान

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चंडीगढ़। पीजीआई प्रशासन का दावा है कि 21 जून से उन्होंने शारीरिक ओपीडी शुरू कर दी है। हालांकि जमीनी हकीक त कुछ और ही है। अब भी दर्द से कराहते मरीजों को ओपीडी में आने पर परामर्श देने की बजाय लौटाने का सिलसिला जारी है। स्थिति यह है कि पीजीआई प्रशासन जिस शारीरिक ओपीडी को शुरू करने का दावा कर रहा है, वह प्रक्रिया महीनों पहले से यहां चल रही है। मरीजों को पहले की ही तरह अब भी डॉक्टर से मिलकर परामर्श लेने के लिए टेलीकंसल्टेशन के नंबरों के जरिए पहले पंजीकरण कराना पड़ रहा है।
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ऐसे में उन्हें अब भी इलाज मिलने में 10 से 15 दिन का समय लग जा रहा है। इतना ही नहीं ज्यादातर मरीजों की शिकायत अब भी यही है कि पंजीकरण के लिए दिए गए नंबर लगते ही नहीं, जबकि पीजीआई प्रशासन प्रतिदिन एक से डेढ़ हजार मरीजों को शारीरिक ओपीडी में देखे जाने की बात कर रहा है।
उधर, इलाज का इंतजार कर रहे मरीज इस अव्यवस्था की शिकायत करने से भी डर रहे हैं। पंजीकरण न होने पर इलाज के लिए इंतजार कर रहे मरीजों को डर है कि कहीं शिकायत के बाद पीजीआई में उन्हें इलाज नहीं मिला तब वह क्या करेंगे। ऐसे में प्रतिदिन पंजीकरण के लिए दिए गये नंबरों पर कॉल करने के अलावा उनके पास कोई दूसरा चारा नहीं है।
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पंजीकरण के नंबरों के साथ समय सीमा भी बढ़ी, पर नहीं मिल रही पूरी राहत
पीजीआई प्रशासन का कहना है कि शारीरिक ओपीडी में मरीजों की संख्या को ध्यान में रखते हुए पंजीकरण की समय सीमा और फोन लाइनों की संख्या बढ़ा दी गई है। अकेले न्यू ओपीडी के लिए 18 अलग-अलग लाइनों का संचालन किया जा रहा है जबकि पंजीकरण की कम की गई समय सीमा को फिर से सुबह 8 बजे से 9.30 बजे तक कर दिया गया है। हालांकि इससे भी मरीजों को पूरी राहत नहीं मिल पा रही है।
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12 दिन से मिला रहा फोन, अब तक नहीं लगा
सेक्टर-25 निवासी हरिकेश यादव का कहते हैं कि मेरे भतीजे को न्यूरो के डॉक्टर को दिखाना है। उसकी स्थिति बहुत गंभीर है, लेकिन बिना पूर्व पंजीकरण कराये पीजीआई की ओपीडी में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। 12 दिन से पंजीकरण के लिए फोन लगा रहा हूं लेकिन कॉल ही लगती ही नहीं। पीजीआई प्रशासन को अन्य मरीजों के हित को ध्यान में रखकर निर्णय लेना चाहिए। कहीं ऐसा न हो इलाज के इंतजार में देर हो जाए।
कोट
कोरोना संक्रमण दर कम होने के साथ ही अन्य मरीजों की परेशानी को ध्यान में रखकर शारीरिक ओपीडी में मरीजों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दे दिया गया है। इसके लिए मंगलवार को बैठक कर इस संबंध में दिशानिर्देश जारी किए गए हैं। अगर जरूरत पड़ी तो पंजीकरण के फोन नंबरों की लाइनें और बढ़ाई जाएंगी।
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-प्रो. जगतराम, पीजीआई निदेशक
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