चंडीगढ़। पीजीआई के एडवांस कार्डियक सेंटर में पोर्टेबल कैथ लैब का शुभारंभ हो गया है। इसके साथ ही पीजीआई में अब कुल तीन कैथ लैब हो गई हैं। इससे हार्ट के मरीजों को काफी फायदा मिलेगा। सबसे बड़ा असर मरीजों की वेटिंग लिस्ट पर पड़ेगा। उन्हें अब कम समय में बेहतर इलाज मिल सकेगा। दो कैथ लैब होने से एक दिन में सीमित सर्जरी हो पाती थी। कैथ लैब के व्यस्त होने के कारण इमरजेंसी मरीजों को अटेंशन नहीं मिल पाती थी। लंबा इंतजार करना पड़ता था। इंतजार की वजह से नुकसान होने के आसार ज्यादा होते थे। मरीज की मौत भी हो सकती है।
एडवांस कार्डियक सेंटर के इंचार्ज व एचओडी प्रोफेसर यशपाल शर्मा ने बताया कि कार्डियक सेंटर में पोर्टेबल कैथ लैब स्थापित की गई है। इसमें उन विशेष मरीजों को लाभ मिलेगा, जो इमरजेंसी में पीजीआई आते हैं। खासकर जिन पेशेंट में पेसमेकर लगना हो, इलेक्ट्रोफिजियोलॉजी करनी हो, पेरीफरल एंजियोप्लास्टी करनी हो या एंजियोप्लास्टी, व फ्लोरोस्कोपी जैसे मरीजों को ज्यादा लाभ मिल सकेगा। जब ये सब चीजें यहां पर होंगी तो बाकी दो कैथ लैब का बोझ कम होगा। जो समय बचेगा, वह उन मरीजों के काम आएगा, जो वेटिंग पर थे। कुल मिलाकर हार्ट के मरीजों को फायदा मिलेगा और कम इंतजार में अच्छा-सस्ता इलाज मिल सकेगा।
पोर्टेबल कैथ लैब का उद्घाटन पीजीआई डायरेक्टर प्रोफेसर जगतराम ने किया। इस मौके पर प्रोफेसर यशपाल, फाइनेशियल एडवाइजर कुमार अभय, कार्डियोवस्कुलर सर्जरी के एचओडी प्रोफेसर श्याम, प्रोफेसर सुरजीत सिंह मौजूद रहे। उद्घाटन के बाद अतिथियों ने पौधरोपण भी किया। एडवांस कार्डियक सेंटर में अधिकारियों ने विभिन्न तरह के पौधे भी लगाए।