चंडीगढ़। पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजी विभाग के विशेषज्ञों ने यूएस के बोस्टन में आयोजित इंडो 2024 में कई पुरस्कार जीतकर देश का नाम रोशन किया है। एंडोक्राइन सोसाइटी की वार्षिक बैठक और सम्मेलन में विशेषज्ञों को शोध के लिए सम्मानित किया गया। यह सम्मेलन जून में आयोजित किया गया था, जिसमें दुनिया भर से 6000 से अधिक इंडोक्राइनोलॉजिस्ट, चिकित्सक और फेलो ने भाग लिया था। सम्मेलन में पीजीआई के इंडोक्राइनोलॉजी विभाग के प्रमुख प्रोफेसर संजय भडाडा को उत्कृष्ट सलाहकार के रूप में सम्मानित करते हुए प्रतिष्ठित लॉरिएट पुरस्कार से सम्मानित किया गया है। मेटाबोलिक में अनुसंधान और प्राथमिक हाइपरपैराथायरायडिज्म, ऑस्टियोपोरोसिस और दुर्लभ हड्डी रोगों के इलाज में मार्गदर्शन के लिए ब्रिघम और महिला अस्पताल, हार्वर्ड विश्वविद्यालय से प्रो. एस भसीन की ओर से नामित किया गया। प्रो. संजय को वैश्विक इंडोक्राइनोलॉजी विशेषज्ञों की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने और देश में इंडोक्राइनोलॉजी को प्रभावित करने वाली अनूठी चुनौतियों पर चर्चा करने के लिए भी आमंत्रित किया गया था। प्रोफेसर संजय ने टाइप 2 डायबिटीज मेलिटस से पीड़ित पोस्टमेनोपॉज़ महिलाओं में सोडियम-निर्भर ग्लूकोज कोट्रांसपोर्टर्स (एसजीएलटी2आई) के उपयोग के साथ हड्डी के स्वास्थ्य और माइक्रोआर्किटेक्चर पर शोध पत्र प्रस्तुत किया, जिसे मौखिक प्रस्तुति के लिए चुना गया था। इसके साथ ही विभाग की डॉ. लिज़ा दास को युवा अन्वेषक पुरस्कार से सम्मानित किया गया। वह युवा संकाय श्रेणी में पिट्यूटरी विकारों में अनुसंधान कार्य कर रही हैं। उन्होंने टाइप 2 के रोगियों में मेटाबोलिक-डिसफंक्शन से जुड़े स्टीटोटिक लिवर रोग (एमएएसएलडी), जिसे पहले गैर-अल्कोहल फैटी लिवर रोग (एनएएफएलडी) और हड्डी माइक्रोआर्किटेक्चर पर एक पेपर प्रस्तुत किया।