चंडीगढ़। विश्व हेपेटाइटिस दिवस पर शुक्रवार को पीजीआई के लिवर क्लीनिक में जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में पीजीआई के विशेषज्ञाें ने इस वर्ष की थीम एक जीवन-एक लिवर के तहत लोगों को जागरूक किया। उन्हें बताया कि डब्ल्यूएचओ ने लिवर के स्वास्थ्य को ठीक रखने, लिवर संबंधी बीमारियों पर रोक पाकर 2030 तक नए हेपेटाइटिस संक्रमण को 90 प्रतिशत और मौतों को 65 प्रतिशत तक कम करने का लक्ष्य रखा है। पीजीआई हेपेटोलॉजी विभाग के प्रमुख प्राे. अजय दुसेजा ने बताया कि हेपेटाइटिस ए और हेपेटाइटिस ई वायरस तीव्र हेपेटाइटिस और पीलिया का कारण बनते हैं। ये दूषित पानी और भोजन के माध्यम से शरीर में पहुंचकर संक्रमित करते हैं इसलिए पीने के पानी को छानना या पर्याप्त मात्रा में उबालना, भोजन को ढककर रखना और अन्य स्वच्छता प्रथाएं जैसे शौचालय जाने के बाद साबुन से हाथ धोना, नाखूनों को काटना आदि हेपेटाइटिस ए और ई को रोकने के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण उपाय हैं। उन्होंने बताया कि इसके लिए एक टीका उपलब्ध है। हेपेटाइटिस ए की रोकथाम के लिए अभी तक इसे राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम में शामिल नहीं किया गया है। वर्तमान में हेपेटाइटिस ई की रोकथाम के लिए कोई अनुमोदित टीके नहीं हैं। हेपेटाइटिस ए और ई वायरस के कारण होने वाला पीलिया आमतौर पर कुछ हफ्तों के भीतर इलाज से ठीक हो जाता है।