इस पेपर पर अमेरिका के एक वैज्ञानिक तर्क दिया है कि जिस प्लाज्मा में एंटीबाडीज की संख्या ज्यादा हो, उसे इस्तेमाल में लाना चाहिए। डॉ. पंकज ने यह भी लोगों को सलाह दी है कि लोगों को प्लाज्मा देना नहीं बंद करना चाहिए। डोनेशन से पहले एंटीबाडीज चेक करवाएं। यदि ज्यादा है तो जरूर डोनेट करें।
भारत सरकार कोरोना के इलाज से प्लाज्मा थेरेपी को बाहर कर सकती है
दो दिन पहले आईसीएमआर के अधिकारियों ने बताया था कि कोविड-19 रोगियों को फायदा पहुंचाने में प्लाज्मा थेरेपी नाकाम है। इस अध्ययन में पाया गया कि प्लाज्मा विशेष रूप से इलाज करा रहे मरीजों में मृत्यु दर को कम नहीं कर पा रही है और कोविड-19 से हालत बिगड़ने को संभालने में भी मददगार नहीं है।
आईसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव ने दो दिन पहले एक प्रेस वार्ता में कहा था कि प्लाज्मा थेरेपी को जल्द बंद किया जा सकता है। डॉ. पंकज का कहना है कि जब तक इस संबंध में कोई राष्ट्रीय नीति नहीं आती, तब तक पीजीआई प्लाज्मा थेरेपी जारी रखेगा। इस बीच दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री ने कहा था कि प्लाज्मा थेरेपी से उनके मरीजों को फायदा मिला है। उन्होंने यह भी दावा किया कि खुद उनकी और कई कोरोना मरीजों की जान प्लाज्मा थेरेपी से बची है। ऐसे में इसे रोकना नुकसान दायक हो सकता है।