केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की स्कीम के तहत पीजीआई में आउटलेट खुल चुका है, स्टॉक भी है, लेकिन सस्ती दवाएं मिलनी शुरू नहीं हुईं। क्योंकि इसका अब तक उद्घाटन नहीं हुआ है। बताया जा रहा है कि जब तक उद्घाटन नहीं होगा, तब तक दवाओं को नहीं बेचा जा सकता।
आठ सदस्यों को तैनात कर दिया गया, लेकिन इसके बावजूद लोगों को मेडिसिन नहीं मिल पा रही हैं। पहले बताया था कि बीती 28 फरवरी को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा को आउटलेट का उद्घाटन करना था। लेकिन किसी कारणवश वह नहीं पहुंच पाए।
इसके बाद इस बारे में कोई भी जिक्र नहीं किया गया। आउटलेट खुल गए हैं, लेकिन दवाएं नहीं बेची जा रही हैं। अमृत का आउटलेट पीजीआई के नेहरू हास्पिटल के ग्राउंड फ्लोर पर है। पीजीआई प्रशासन का कहना है कि आउटलेट जल्दी शुरू करने की योजना है। उद्घाटन कौन करेगा इस बारे में नहीं बता सकते।
रोजाना जानकारी लेने आते हैं मरीज
नेहरू हास्पिटल में दुकानें प्राइवेट कंपनी को जनवरी में अलॉट कर दी गईं थीं। फरवरी में दुकानें खुल गईं और इसके बाद दवाएं भी आ गईं। दुकान खोले दो महीने हो गए। बताया गया कि रोजाना 100 से अधिक मरीज शॉप पर आते हैं और पूछते हैं कि कब से मेडिसिन मिलनी शुरू होंगी। शॉप कर्मचारी उन्हें दिलासा देते हैं कि जल्द ही शॉप ओपेन होगी और मेडिसिन मिलने लगेगी। शॉप के ऊपर स्टीकर भी लगाए गए हैं, जिसमें बताया गया कि है शॉप से मेडिसिन जल्दी मिलेगी।
दवाओं के लिए भटक रहे लोग
दरअसल जिस जगह पर अमृत प्रोजेक्ट का आउटलेट खुला है। वहां पर दो केमिस्ट शॉप की दुकानें थी। नेहरू हास्पिटल के मरीज इन्हीं दुकानों से मेडिसिन लेते थे। लेकिन अब एक भी दुकानें नहीं हैं। इससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। दवाओं के लिए उन्हें डेंटल ओपीडी के पास बनी मार्केट में जाना पड़ रहा है। इससे उनका समय बर्बाद होता है।
काफी सस्ती मिलनी थी दवाएं
अमृत प्रोजेक्ट के तहत ब्रांडेड दवाओं में करीब 70 प्रतिशत डिस्काउंट मिलना था। साथ ही कार्डियक व ऑरथोपीडिक्स से संबंधित सामान भी भारी डिस्काउंट पर मिलने थे। पहला आउटलेट एम्स में खोला गया है, जबकि दूसरा पीजीआई में खुलना था।