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पीजीआई की पड़ोसी राज्यों को सलाह : अपने यहां भी करें मरीजों को भर्ती करने का इंतजाम

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चंडीगढ़। शहर में कोरोना के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ती जा रही है। ऐसे में अस्पतालों में गिने-चुने बेड ही खाली बच गए हैं। सबसे ज्यादा मरीजों का दबाव पीजीआई पर है। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन ने पड़ोसी राज्यों से कहा है कि वे अपने यहां भी कोविड-19 के मरीजों के इलाज की व्यवस्था को और मजबूत करें, ताकि पीजीआई पर रेफर मरीजों का दबाव कम हो सके। जिस हिसाब से चंडीगढ़ में पॉजिटिव केस बढ़ रहे हैं, उसके अनुसार पीजीआई के बेड शहर के मरीजों के लिए भी पर्याप्त नहीं हैं। मौजूदा समय में अकेले पीजीआई के कोविड-19 अस्पताल में 60 प्रतिशत से ज्यादा दूसरे राज्यों के मरीज भर्ती हैं।
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30 बेड बढ़ाए गए
स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन ने सोमवार को कोविड-19 अस्पताल के बेड फुल होने की स्थिति को ध्यान में रखते हुए 30 और बेड बढ़ा दिए हैं। पीजीआई प्रशासन के अनुसार यह बेड अलग-अलग विभागों में बढ़ाए गए हैं, जहां कोरोना के गंभीर मरीजों को भर्ती किया जाएगा।
पिछले साल भी यही थी स्थिति
2020 में संक्रमण बढ़ने के दौरान भी पीजीआई में मरीजों का दबाव तेजी से बढ़ा था। उस समय भी पीजीआई में सबसे ज्यादा पंजाब के मरीज भर्ती थे। वहीं हरियाणा, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल और उत्तर प्रदेश व गुजरात तक के पॉजिटिव मरीजों को भर्ती करके इलाज किया गया था।
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चंडीगढ़ में तेजी से बढ़ रहे मरीज
शहर में एक पिछले 11 दिनों के दौरान कोरोना का संक्रमण व्यापक स्तर पर हुआ है। इसमें एक सप्ताह में रोजाना 400 से ज्यादा पॉजिटिव मरीज मिले हैं। 18 अप्रैल को यह आंकड़ा 625 पर पहुंच गया है। तेजी से बढ़ते मरीजों पर संक्रमण की चेन और मजबूत होती जा रही है। ऐसे में यूके स्ट्रेन की गंभीरता के कारण तेजी से मरीजों को अस्पताल में भर्ती करना पड़ रहा है।
क्या कहते हैं अधिकारी
मौजूदा समय में स्थिति बेहद गंभीर हो चुकी है। संक्रमण हर उम्र के लोगों को अपनी चपेट में ले रहा है। शहर में संक्रमण की रफ्तार तेजी से बढ़ रही है। इसलिए जरूरी हो गया है कि चंडीगढ़ के आसपास के राज्य अपने यहां कोविड-19 के मरीजों के इलाज का प्रबंधन और मजबूत करें, ताकि पीजीआई पर दबाव कम हो सके।
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-प्रो जगतराम, निदेशक पीजीआई
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