चंडीगढ़। पीजीआई में पिछले कुछ दिनों में कई बार आग की घटनाएं हुईं। इसके बाद पीजीआई प्रशासन सक्रिय हो गया है। आग की घटनाओं को रोकने के लिए पीजीआई प्रशासन ने सोमवार को आदेश जारी किया है। इसमें सभी विभागाध्यक्ष को कहा गया है कि वे अपने विभाग में मुख्य स्विच बंद करने संबंधी मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित कराएं।सभी विभागों के प्रमुखों से कहा गया है कि वे अपने अधीन काम करने वाले अधिकारियों को उपयोग के बाद बिजली उपकरणों को बंद करने का निर्देश दें। यह सुनिश्चित करें कि कोई भी लावारिस गैजेट या उपकरण चालू न रहे। इसके विपरीत, पीजीआई चंडीगढ़ में, सुरक्षा और अग्निशमन विभाग निवारक उपायों को लागू करने के लिए लगातार प्रयासों में लगा हुआ है, जिससे आग की घटनाओं से बचाव किया जा सके।
इस बात पर भी जोर दिया जा रहा है कि संबंधित क्षेत्रों में गलियारे में आग से बचने के मार्गों को हमेशा हर समय किसी भी बाधा/भीड़ से साफ/मुक्त रखा जाए। किसी आपात स्थिति में, आवश्यक जानकारी तुरंत फायर कंट्रोल रूम 24×7 (6101, 6110, 7087007006) और फायर ऑफिसर (7087009101) को साझा की जाए।
एक के बाद एक हुई दुर्घटनाएं
बता दें कि पीजीआई में पिछले 21 दिनों में एक के बाद एक आग लगने की तीन घटनाएं हो चुकी हैं। 20 अगस्त को पीजीआई रिसर्च ब्लॉक की छठी मंजिल पर अचानक एसी में आग लग गई, जिससे समय रहते बुझाकर बड़ा नुकसान होने से बचाया गया। वहीं, इससे पहले 16 अगस्त को पीजीआई के एडवांस ट्रामा सेंटर की आईसीयू में आग लग गई थी। वहां भी फायर विंग के कर्मचारियों ने समय रहते आग पर काबू पाकर जान-माल की क्षति होने से बचाया था। वहीं, 1 अगस्त को रिसर्च ए ब्लॉक स्थित पांचवें तल पर हेमेटोलॉजी विभाग के प्रमुख के चेंबर में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगी थी। तीनों ही मामलों में आग लगने के मुख्य वजह लगातार स्विच ऑन रहने से हुई।