बैठक में तय किया गया की इन राज्यों के अधिकारी अगले दो हफ्ते में इस बारे में एक रिपोर्ट तैयार करेंगे। इस रिपोर्ट के बाद सरकारें तेल पर लगने वाले वैट के बारे में निर्णय लेंगी, ताकि आम जनता को राहत दी जा सके। बैठक में यह भी चर्चा हुई की इन सभी राज्यों में तेल की कीमतें समान रहने से वर्तमान की तरह जहां भविष्य में भी आम उपभोक्ता को राहत मिलेगी, वहीं एक दूसरे राज्य में होने वाले ट्रेड डायवर्जन पर भी रोक लगी रहेगी।
दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने सलाह दी कि इन राज्यों में तेल की भांति आबकारी से जुड़े कर भी समान होने चाहिए और इसके मद्देनजर इन राज्यों की आबकारी नीतियों में समानता होना जरूरी है। बैठक के बाद मनीष सिसोदिया ने कहा की सभी राज्य इस बात पर सहमत हो गए हैं कि आबकारी नीति में एकरूपता हो। उन्होंने कहा कि ऐसा होने से जहां एक ओर जनता को लाभ होगा, वहीं कालाबाजारी पर भी रोक लगेगी। इससे सरकारों के राजस्व में भी बढ़ोतरी होगी।
ट्रांसपोर्ट परमिट पॉलिसी में भी एकरूपता का सुझाव
पंजाब के वित्तमंत्री मनप्रीत बादल ने सुझाव दिया कि तेल, आबकारी की तरह ट्रांसपोर्ट परमिट और गाड़ियों के पंजीकरण में भी एकरूपता लाने का सुझाव दिया। उन्होंने कहा की यह समय की मांग है की इन करों की दरें भी अलग-अलग ना होकर लगभग एक जैसी हो, ताकि गाड़ी चालक एक दूसरे राज्य में पंजीकरण ना करवाएं। यह सभी राज्यों के हित में होगा। दिल्ली और पंजाब की तरफ से मिले सुझावों पर भी अधिकारियों की कमेटी अपनी रिपोर्ट तैयार करेगी। जिसकेबाद राज्यों की सरकारें निर्णय लेगी।