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हरियाणा की ट्रांसपोर्ट पॉलिसी को हाईकोर्ट में चुनौती, विभाग को नोटिस

Thu, 23 Mar 2017 09:35 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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- फोटो : File Photo
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हरियाणा की ट्रांसपोर्ट पॉलिसी की ड्राफ्ट स्कीम को चुनौती देते हुए इसे खारिज करने की मांग के तहत पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई है। मामले में हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार तथा परिवहन विभाग को नोटिस जारी कर 6 अप्रैल तक जवाब दाखिल करने के आदेश दिए हैं। यह याचिका सूबे की आठ ट्रांसपोर्ट समितियों ने दायर की है। 
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याचिका में हरियाणा सरकार, ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी के सेक्रेटरी कम मेंबर समेत एडिशनल ट्रांसपोर्ट कमिश्नर को पार्टी बनाया गया है। याचिका में 17 फरवरी 2017 की स्कीम को एमवी एक्ट के प्रावधानों के विपरित बताया गया है। याची ने कहा कि यह स्कीम राज्य सरकार द्वारा तय नियमों के भी विपरित है। स्कीम के नियम व शर्तों के साथ ही याची ने ऑफर लेटर को भी खारिज किए जाने की अपील की। याची ने हाईकोर्ट से अपील की है कि स्कीम लागू न करने के राज्य व विभाग को आदेश दिए जाएं। 

याचिका में कहा गया है कि राज्य सरकार ने एमवी एक्ट के तहत वर्ष 1993 में पॉलिसी बना प्राइवेट ऑपरेटर्स को परमिट दिए जाने का प्रावधान किया था। परमिट तब्दील करने के दौरान सभी टैक्स क्लीयर कर दिए गए थे। इसके बाद फरवरी, 2016 में सरकार ने नई ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी कर दी जिसका याची पक्ष ने विरोध जताया। कहा गया है कि ड्राफ्ट में शेड्यूल रूट का जिक्त्रस् नहीं है और यह धारा 99 की अनिवार्यता है, जिसका पालन नहीं किया गया। याची ने कहा कि सरकार बिना नियम-शर्तों के याचियों समेत अन्य ऑपरेटर्स को 2017 की पॉलिसी के तहत परमिट तब्दील करवाने के लिए मजबूर कर रही है। वहीं रूट परमिट का आवेदन देने के लिए भी दबाव डाला जा रहा है। इसके लिए मोटी फीस वसूली जा रही है। 
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