अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। तोशाम विधायक किरण चौधरी की सदस्यता रद्द करने संबंधी याचिका पर कांग्रेस को बड़ा झटका लगा है। हरियाणा विधानसभा अध्यक्ष ज्ञानचंद गुप्ता ने किरण की सदस्यता रद्द करने संबंधी याचिका को खारिज कर दिया है। विधानसभा सचिवालय ने इस बारे में कांग्रेस नेताओं को भी अवगत करा दिया है।
विधानसभा सचिवालय के मुताबिक कांग्रेस की ओर से डाली गई याचिका हरियाणा विधानसभा (दल-बदल के आधार पर सदस्यों की अयोग्यता) नियम, 1986 के नियम 6 (7) की शर्तों का अनुपालन नहीं कर रही है। याचिकाकर्ताओं ने याचिका हस्ताक्षरित और सत्यापित नहीं है। हरियाणा विधानसभा नियम 7(2) में कहा गया है है कि ‘यदि याचिका नियम 6 की अपेक्षाओं का अनुपालन नहीं करती है, तो अध्यक्ष याचिका को खारिज कर देंगे।
दल-बदल के आधार पर सदस्यों की अयोग्यता नियम, 1986’ में स्पष्ट तौर पर लिखा है कि किसी विधायक की सदस्यता खत्म करने की मांग वाली याचिका पर याचिकाकर्ता द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे। इसके साथ ही याचिका के प्रत्येक अनुलग्नक पर भी याचिकाकर्ता द्वारा हस्ताक्षर किए जाएंगे और इस पर भी याचिका के समान तरीके से सत्यापित किया जाएगा। कांग्रेस की ओर से याचिकाकर्ताओं ने एक भी अनुलग्नक पर हस्ताक्षर नहीं किए। उल्लेखनीय है कि विधानसभा में कांग्रेस के मुख्य सचेतक भारत भूषण बत्रा और विधायक दल के उपनेता आफताब अहमद की ओर से गत 19 जून को विधायक किरण चौधरी की सदस्यता रद्द करने की मांग को लेकर विधानसभा अध्यक्ष को नोटिस भेजा गया था। इसके 6 दिन बाद उन्होंने एक रिमाइंडर भी भेजा। 11 जुलाई को उन्होंने याचिका दायर कर किरण चौधरी की सदस्यता रद्द करने की मांग की।
कांग्रेस की ओर से भेजी गई याचिका में कहा गया था कि किरण चौधरी 2019 के विधानसभा चुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस पार्टी के टिकट पर भिवानी जिले के तोशाम निर्वाचन क्षेत्र से निर्वाचित हुईं और 18 जून 2024 को उन्होंने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इसके अगले दिन 19 जून को वे भाजपा में शामिल हो गईं। कांग्रेस नेताओं ने किरण चौधरी की ओर से पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को भेजे गए इस्तीफे की प्रति भी साथ संलग्न की। उन्होंने मांग की कि किरण चौधरी भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो चुकी हैं, ऐसे में उनकी सदस्यता रद्द की जानी चाहिए।