-मुंबइ धमाकों में आरएसएस का हाथ बताने का याचिका में लगाया गया है आरोप
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता व मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर मुंबई में जुलाई 2011 में हुए बम धमाकों में राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) का हाथ होने के बयान के चलते दाखिल याचिका पर पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने सुनवाई 30 जुलाई को तय की है।
याचिका दाखिल करते हुए ओम प्रकाश बंसल ने बताया था कि 17 जुलाई 2011 को एक समाचार पत्र में उन्होंने खबर पढ़ी थी, जिसके अनुसार दिग्विजय सिंह ने इन बम धमाकों के पीछे आरएसएस की संलिप्तता बताई थी। इतना ही नहीं दिग्विजय सिंह ने यह भी कहा था कि उनके पास इसके सबूत भी मौजूद हैं। याची ने इस पर सिरसा की अदालत में याचिका दायर की थी, जिसे यह कहकर खारिज कर दिया गया था कि वह संघ की ओर से याचिका दायर नहीं कर सकते। जिला अदालत के आदेश के खिलाफ याची ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की है। याची का कहना है कि वह लंबे समय से संघ से जुड़ा हुआ है। वर्ष 1979 से 1993 तक संघ की जिला इकाई का चीफ भी रहा है। ऐसे में वह यह याचिका दायर कर सकता है और अदालत को उसकी शिकायत सुननी चाहिए थी।