चांदला ने बताया कि उनके परिवार की रक्शा देवी, बबली, राशी, कमल किशोर, रितिका, अनुरुध, रेशव के अलावा संसार चंद, सुरजीत कौर, गुरप्रीत सिंह, संदीप कुमार, हिना बीमार हुए हैं। उन्होंने जिला स्वास्थ्य अधिकारी को पत्र लिखकर उक्त फास्ट फूड विक्रेता के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है।
जानकारी के अनुसार केवल चांदला का परिवार ही बर्गर खाने से फूड प्वाइजनिंग का शिकार नहीं हुआ बल्कि एनएफएल अस्पताल की बात करें तो अस्पताल के रिकॉर्ड के अनुसार वहां 18 लोग भर्ती हुए। कई लोगों ने निजी चिकित्सा केंद्रों पर उपचार करवाया। वहीं फास्ट फूड के मालिक का कहना है कि उनकी रेहड़ी पर सभी सामान उच्च क्वालिटी का प्रयोग किया जाता है।
इसकी जांच कोई भी अधिकारी आकर किसी भी समय कर सकता है। जो लोग फूड प्वाइजनिंग का शिकार हुए हैं हो सकता है उन्होंने किसी और जगह से कोई चीज खा ली हो।
एनएफएल अस्पताल के डॉक्टर बीएस शेरगिल का कहना है कि उनके अस्पताल में एक ही परिवार के सात लोगों समेत कुल 18 लोगों का उपचार चल रहा है। सभी लोग लूज मोशन, उल्टी और सिरदर्द की शिकायत से पीड़ित हैं।