लांडरां/बनूड़। करीब ढाई महीने बाद बनूड़ और लालड़ू के बीच सीधा संपर्क बहाल होने से लोगों ने राहत की सांस ली है। गांव मनौली सूरत के पास पिछले महीने नौ जुलाई को घग्गर नदी व क्षेत्र के पानी से सड़क में पड़ी दरार को लोक निर्माण विभाग ने ग्रामीणों के सहयोग से भरकर अस्थायी पुल बनाया है। शनिवार सुबह इस क्षेत्र की धार्मिक विभूति संत चरण दास मडकुटिया वालों ने यहां अरदास की और रिबन काटकर उक्त रास्ते का शुभारंभ किया। इस मौके पर लोगों ने लड्डू बांटकर जश्न मनाया। सड़क बंद होने के कारण इस क्षेत्र से लालड़ू जाने के लिए डेराबस्सी से घूमकर करीब बीस किलोमीटर का अतिरिक्त रास्ता तय करना पड़ता था। पहले ग्रामीणों ने अपने स्तर पर दोपहिया वाहनों के लिए रास्ता बना लिया था लेकिन चारपहिया वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। गांव मनौली सूरत के निवासी इंस्पेक्टर महिंदर सिंह, हीरा सिंह फौजी, हरदीप सिंह, बहादुर सिंह, हरि सिंह फौजी, गुरमेल सिंह मिट्ठू, जसविंदर सिंह काला, भगता सिंह, गुरनाम सिंह ज्ञानी, चेतन सिंह सैनी, रण सिंह, अशोक कुमार, गुरुमीत सिंह, जागीर सिंह हंसाला, महेंद्र सिंह जलालपुर, जरनैल सिंह छड़बड़ ने कहा कि विभागीय मंजूरी के बाद ग्रामीणों ने पंचायत भूमि से 500 से अधिक टिप्पर मिट्टी उपलब्ध करवाई। उन्होंने कहा कि श्रमिकों की व्यवस्था भी अपने स्तर पर की थी। उन्होंने कहा कि पुल खुलने से बीस गांवों के राहगीरों को फायदा होगा। ग्रामीणों ने सरकार से यहां स्थायी पुल का निर्माण करने, पुल के चारों ओर दीवार बनाने और यहां अस्थायी सड़क को पक्का निर्माण कराने की भी मांग की है।
भारी वाहनों के लिए रास्ता बंद रहेगा
ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यहां स्थायी पुल नहीं बन जाता तब तक माल ढोने वाले भारी वाहन यहां से नहीं गुजर सकेंगे। इस संबंध में लोक निर्माण विभाग की ओर से मोहाली और पटियाला जिले के डिप्टी कमिश्नरों को पत्र भी लिखा गया है। इस पत्र पर कार्रवाई करते हुए दोनों जिलों के उपायुक्तों ने आगे की कार्रवाई के लिए जिला पुलिस प्रमुखों को पत्र लिखा है जिन्होंने बनूड़ और लेहली पुलिस अधिकारियों को अस्थायी पुल पर माल ले जाने वाले भारी वाहनों की आवाजाही रोकने के निर्देश दिए हैं।